पीएनबी घोटाले का आरोपित नीरव मोदी और उसका रिश्तेदार मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक से एलओयू से मिली रकम हवाला के जरिए अपने मुंबई के खातों में भेज रहे थे. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक घोटाले की जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इसके सबूत मिले हैं. पता चला है कि मेहुल चोकसी ने विदेशों से पैसा अपनी कंपनी गीतांजलि जेम्स के खाते में डाला था. एक जांच अधिकारी ने बताया कि इसके बाद वह इन पैसों को नकली कंपनियों के खातों में ट्रांसफर करा देता था. अधिकारी के मुताबिक चोकसी इन पैसों को असुरक्षित ऋण दिखाकर इन कंपनियों के खातों में डालता था और बाद में इन्हें निकाल लेता था.

जांच में शामिल एक और अधिकारी ने बताया कि नीरव मोदी बैंकों की विदेशी शाखाओं से पैसे लेने के कुछ दिन बाद उसे भारत में अपने खातों में ट्रांसफर करता था. लेकिन मेहुल चोकसी के मामले में कई बार हुआ जब पैसा 24 घंटे के अंदर ही भारत आ गया. अधिकारियों ने बताया कि 12,300 करोड़ रुपये में से 6,500 करोड़ के लेन-देन के लिए नीरव मोदी जिम्मेदार है.

सीबीआई और ईडी समेत कई एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं. ईडी ने हांगकांग और दुबई के अलावा दस अन्य देशों से अपील की है कि वे घोटाले से जुड़ी नकली फर्मों के लेन-देनों की जानकारी दें. इस मामले से जुड़ी ज्यादातर नकली फर्में हांगकांग और दुबई में ही हैं. अधिकारियों ने इन विदेशी कंपनियों के निदेशकों के बयान अभी नहीं लिए हैं. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ही इन कंपनियों को चला रहे थे.

वहीं, मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मेहुल चोकसी ने सीबीआई को पत्र लिख कर भारत वापस आने से इनकार कर दिया है. उसने जांच एजेंसी से अपील की है कि उसके प्रति इंसानियत दिखाई जाए. खबर के मुताबिक पत्र में मेहुल ने कहा है, ‘सभी जांच एजेंसियों ने मेरे खिलाफ जो कार्रवाई की है उसके चलते इस केस के खिलाफ लड़ने की मेरी क्षमता खत्म हो गई है. मानवीय आधार पर मेरे केस को समझें.’ चोकसी ने पत्र में अपने स्वास्थ्य का भी हवाला दिया है. उसने लिखा है, ‘हाल में मेरे दिल का इलाज हुआ है. डॉक्टर ने मुझे छह हफ्ते आराम करने की सलाह दी है. मैं कोई बहाना नहीं बना रहा हूं. मुझे विदेश में अपने बिजनेस को भी देखना है.’