पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि भारत की विकास दर 7.5 प्रतिशत होने से रोजगार की समस्या हल नहीं होनगी. उन्होंने कहा कि भारत में हर साल 1.2 करोड़ लोग रोजगार की लाइन में जुड़ते हैं और 7.5 प्रतिशत विकास दर उन्हें नौकरी देने के लिए काफी नहीं है. सीएनबीसी से बात करते हुए रघुराम राजन ने कहा कि भारत को अगले दो दशकों में 10 प्रतिशत की विकास दर हासिल करनी होगी, इसके लिए सरकार को बुनियादी सुविधाएं देनी होंगी, कंपनियों के लिए व्यापार करना आसान करना होगा और शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाना होगा.

इंटरव्यू में आर्थिक सुधारों को लेकर पूछे गए सवाल पर रघुराम राजन ने कहा, ‘बदलाव हो रहा है. लेकिन यह उस गति से नहीं हो रहा जैसा सोचा गया था. संभवतः ऐसा राजनीति के चलते हो रहा है. हमें इस पर तेजी से काम करने की जरूरत है क्योंकि हमारे ज्यादातर नागरिक युवा हैं और दुनिया अब दूसरे देश के नागरिकों को लेकर ज्यादा लचीली नहीं रही है.’ राजन के मुताबिक भारत को यह भी सोचने की जरूरत है कि विकास दर को कैसे बढ़ाया जाए. विकास के तरीके पर भी सचेत रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर भारत एक रात में विशाल उत्पादक बन जाए तो कौन उसका सामान खरीदने आएगा? इसलिए हमें सोचने की जरूरत है कि विकास किस तरह किया जाए.’