दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल अब संभवत: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से भी माफ़ी मांग सकते हैं. हालांकि ख़बरों की मानें तो पहले के तीन मामलों (पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल) की तरह उन्हें जेटली से माफ़ी मिलेगी या नहीं यह मुश्किल सवाल है. इसकी दो वज़हें बताई जा रही हैं. पहली तो जेटली का सख़्त रवैया और दूसरा- आप के भीतर ही इस मामले में रोड़ा खड़ा किए जाने की आशंका.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जेटली से माफ़ी मांगने के सवाल पर आप में विरोधी सुर सुनाई दे रहे हैं. पार्टी के संस्थापकों में शुमार कुमार विश्वास ने इस पर ऐतराज़ जताया है. आप के एक वरिष्ठ नेता इसकी पुष्टि करते हैं. वे कहते हैं, ‘अगर जेटली ने यह मांग कर दी कि आप के पांचों नेता (जिनके ख़िलाफ़ जेटली मानहानि का मुक़दमा दायर किया है) लिखित में माफ़ी मांगें तो मुश्किल हो सकती है. क्योंकि कुमार विश्वास इसके लिए शायद ही राजी होंगे.’

अरुण जेटली ने केजरीवाल के अलावा राघव चड्‌ढा, संजय सिंह, आशुतोष और दीपक बाजपेयी के ख़िलाफ़ भी केस दायर कर रखा है. इसमें उन्होंने अपनी मानहानि के एवज़ में केजरीवाल से 10 तथा अन्य आप नेताओं से पांच करोड़ रुपए का हर्ज़ाना देने की मांग की है. इन नेताओं ने जेटली पर आरोप लगाया था कि डीडीसीए (दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन) में उनके अध्यक्ष रहने के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया था.

पार्टी सूत्र बताते हैं कि केजरीवाल ने कुछ मध्यस्थों के जरिए इस मामले में अरुण जेटली से सुलह करने के लिए संपर्क किया है. लेकिन जेटली की ओर से अभी कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला है. उन्होंने यह कहकर फिलहाल मामले को टाल दिया है कि वे इस पर ‘पार्टी नेतृत्व से चर्चा करने के बाद ही कुछ कह सकेंगे.’