कानूनी उलझनों में फंसी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उसे 200 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया है. जेएएल को यह रकम दो बराबर किस्तों में जमा करानी होगी. पहली किस्त के लिए छह अप्रैल जबकि दूसरी किस्त के लिए 10 मई की तारीख तय की गई है.
सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने जेएएल से उन खरीदारों का ब्यौरा देने को भी कहा जो संबंधित फ्लैट के बजाय पैसा वापस चाहते हैं. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जो लोग पैसा वापस चाहते हैं उनसे कंपनी न तो मासिक किस्तों की मांग न करे और न ही उन्हें डीफॉल्टर की सूची में डाले. इस मामले में अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी. उम्मीद की जा रही है कि पैसा जमा होने के बाद कोर्ट आनुपातिक रूप में खरीदारों को पैसा वापस करने का निर्देश भी दे सकता है.
जेएएल के खिलाफ इस मामले की शुरुआत 30 हजार खरीदारों को तय वक्त पर फ्लैट न मिलने से हुई थी. फ्लैट न मिलने पर खरीदारों ने कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट से होते हुए बीते साल यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. इस दौरान कंपनी ने खुद को दीवालिया घोषित कराने की कोशिश की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी थी. जेएएल पर दो हजार करोड़ रुपये की देनदारी है और अब तक उसने सुप्रीम कोर्ट में 550 करोड़ रुपये जमा कराए हैं.
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