देश की सेवा में शहीद जवानों के बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च अब सरकार उठाएगी. सशस्त्र बलों के अधिकारी और गैर अधिकारी रैंक के सभी कर्मियों को इस योजना का फायदा मिलेगा. साथ ही देश सेवा के दौरान लापता होने या फिर शरीर का अंग खोने वाले जवान भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. बृहस्पतिवार को इस बारे में रक्षा मंत्रालय की तरफ से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.

टाइम्स आॅफ इंडिया की खबर के मुताबिक इस योजना का फायदा हालांकि तभी मिलेगा जब ऐसे बच्चों की पढ़ाई सरकारी या फिर सरकार द्वारा सहायता प्राप्त स्कूलों या संस्थानों में होगी. उच्च शिक्षा के दौरान भी उन्हें केंद्र अथवा राज्य सरकारों द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों का विकल्प ही चुनना होगा.

वैसे शहीदों के परिवारों की मदद के लिए इससे पहले सरकार ‘शिक्षा अनुदान’ योजना चला रही थी. इसमें उनके परिवारों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए हर महीने 10 हजार रुपये की वित्तीय मदद दी जाती थी. शिक्षा के खर्च के मद्देनजर शहीदों के परिवारों ने इस रकम को नाकाफी बताया था. इसके बाद अब सरकार की तरफ से पुरानी व्यवस्था को खत्म करके नई व्यवस्था लागू की गई है.