दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के 20 विधायकों को लाभ का पद मामले में राहत मिलने की खबर आज के अधिकतर अखबारों के पहले पन्ने पर है. शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सदस्यता रद्द करने वाली चुनाव आयोग की सिफारिश को खारिज कर दिया है. साथ ही, अदालत ने इस मामले में आयोग को दोबारा सुनवाई करने का भी आदेश दिया है. ‘आप’ के इन विधायकों में अपनी याचिका में कहा था कि चुनाव आयोग ने इस मामले में फैसला करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया. इसके अलावा राज्य सभा की 26 सीटों के लिए हुए चुनावों के नतीजे भी अखबारों के प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. भाजपा ने इनमें से सबसे अधिक 12 सीटें जीती हैं, जिनमें नौ अकेले उत्तर प्रदेश से है.

भाजपा के खिलाफ सीपीएम कांग्रेस के साथ : प्रकाश करात

सीपीएम ने आने वाले चुनावों में कांग्रेस के साथ जाने का संकेत दिया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी ने उन राज्यों में कांग्रेस के साथ जाने की बात की है, जिनमें कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर है. पार्टी मुखपत्र ‘पीपल्स डेमोक्रेसी में लिखे संपादकीय में पार्टी के पूर्व महासचिव प्रकाश करात ने कहा है कि उत्तर प्रदेश उपचुनाव ने भाजपा को मात देने के लिए एक अहम सीख दी है. दूसरी ओर, उन्होंने तीसरे मोर्चे की संभावना को खारिज किया है. इससे पहले साल की शुरुआत में उन्होंने कांग्रेस से साथ किसी तरह की चुनावी गठबंधन से इनकार किया था. उधर, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी इसके पक्ष में लगातार आवाज उठाते हुए दिख रहे हैं.

देश की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था का खस्ताहाल

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (मोदीकेयर) की तैयारियों के बीच पूरे देश की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी से उतरी हुई दिखती है. दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक देश में 35,000 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 6,000 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 2,000 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की कमी है. इसके अलावा इन केंद्रों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की 75 फीसदी सीटें खाली हैं. इसके अलावा इन स्वास्थ्य केंद्रों पर 13,000 तकनीकी पेशेवरों की और जरूरत है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बाद भी केंद्र सरकार ने बजट (2018-19) में डेढ़ लाख हेल्थ सेंटर को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में बदलने का ऐलान किया है.

अब कांग्रेस ने भी मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया

वाईएसआर कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के बाद सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक इसके लिए 27 मार्च की तारीख तय की गई है. कांग्रेस ने इसके लिए अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया है. बताया जाता है कि अब तक पार्टी वाईएसआर कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के साथ खड़ी थी. हालांकि, शुक्रवार को संसदीय दल की बैठक में अपनी रणनीति बदलते हुए कांग्रेस ने खुद का प्रस्ताव लाने का फैसला किया. दूसरी ओर, लोक सभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन सदन में हंगामे का हवाला देकर लगातार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने से इनकार कर रही हैं.

अधिक साक्षरता वाले राज्यों में स्मार्ट फोन का ज्यादा इस्तेमाल : रिपोर्ट

देश के अधिक साक्षरता वाले राज्यों में स्मार्ट फोन का अधिक इस्तेमाल हो रहा है. बिजनेस स्टैंडर्ड में एक शोध आधारित रिपोर्ट के हवाले से छपी खबर की मानें तो केरल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और गुजरात जैसे ज्यादा असाक्षरता दर वाले राज्यों में स्मार्टफोन के उपभोक्ताओं की संख्या अधिक है. 94 फीसदी साक्षरता वाले केरल में 62 फीसदी मोबाइल हैंडसेट स्मार्ट हैं. इसके अलावा गुजरात (साक्षरता दर-79 फीसदी) में यह आंकड़ा 56 फीसदी है. इनके बाद दिल्ली, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश का स्थान है. दूसरी ओर, 62 फीसदी साक्षरता दर वाले बिहार में केवल 27 फीसदी ही स्मार्टफोन हैं. इसके बाद असम का नंबर है जहां यह आंकड़ा 30 फीसदी है.