चीन और पाकिस्तान की सीमा से सटे इलाकों में तैनात जवानों को जल्दी ही नए हथियार मिलेंगे. द टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए टेंडर जारी किया है. इसके जरिये चुनिंदा विदेशी कंपनियों को 72400 असॉल्ट राइफलें, 93895 क्लोज क्वार्टर कारबाइनें और 16479 हल्की मशीनगनें मुहैया कराने के लिए कहा जाएगा. इन हथियारों की कीमत करीब 5366 करोड़ रुपये होगी.

सीमा की सुरक्षा कर रहे जवानों तक इन हथियारों को पहुंचाने में अब रक्षा मंत्रालय और देर नहीं करना चाहता. इसीलिए उसने इनकी खरीद के लिए फास्ट ट्रैक प्रोसीजर (एफटीपी) का ​रास्ता चुना है. इससे अगले 10 दिनों के भीतर तय कर लिया जाएगा कि कौन सी कंपनी इन हथियारों को मुहैया कराएगी. माना जा रहा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले तीन महीनों से लेकर एक साल के भीतर इन हथियारों की आपूर्ति कर दी जाएगी.

सेना ने पहली बार साल 2005 में असॉल्ट राइफलों और क्लोज क्वार्टर कारबाइनों की मांग की थी. इसके बाद 2009 में उसने सरकार से हल्की मशीनगनें उपलब्ध कराने को कहा था. हथियार खरीद की लंबी प्रक्रिया की वजह से अब तक सेना ऐसे हथियारों के इंतजार में ही है. लेकिन अब उम्मीद है कि उसे जल्दी ही नए हथियार मिलना शुरू हो जाएंगे. थल सेना के साथ वायु और नौसेना को भी नई असॉल्ट राइफलें और हल्की मशीनगनें सौंपी जाएंगी.