आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर करने की तैयारी कर रहे हैं. मसला वही आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्ज़ा दिए जाने का है.

डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक आंध्र प्रदेश सरकार संसद का बजट सत्र ख़त्म होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी. इसके लिए हलफ़नामा तैयार कर लिया गया है. नायडू से नज़दीकी रखने वाले एक आईएएस अधिकारी के अनुसार, ‘आंध्र को विशेष राज्य का दर्ज़ा दिए जाने को लेकर संसद में केंद्र के साथ जो लड़ाई चल रही है उसकी तार्किक परिणति अदालत में ही हो सकती है. याचिका में ख़ास तौर पर यह उल्लेख होगा कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में विशेष दर्ज़े के बज़ाय विशेष पैकेज क्यों स्वीकार किया. और वे अब विशेष दर्ज़ा क्यों मांग रहे हैं.’

ग़ौरतलब है कि फरवरी 2014 में आंध्र पुनर्गठन विधेयक पर चर्चा के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्य सभा में वादा किया था कि आंध्र प्रदेश को पांच साल के लिए विशेष राज्य का दर्ज़ा दिया जाएगा. आगे चलकर मार्च-2014 में इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी मंज़ूरी दे दी थी. उसी साल लोक सभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने तो आंध्र को 10 साल के लिए विशेष दर्ज़ा देने का वादा कर दिया था. लेकिन अब मोदी सरकार 14वें वित्त आयोग की सिफ़ारिशों की आड़ लेकर इस वादे से पीछे हट गई है. आयोग ने पहाड़ी राज्यों को छोड़कर अन्य किसी प्रदेश के लिए विशेष दर्ज़ा देने की अवधारणा ख़त्म कर दी है.