अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मानवाधिकार समूहों और पूर्व सैन्य अधिकारियों के विरोध और अदालत की रोक के बावजूद सेना में ट्रांसजेंडर कार्मिकों को सीमित करने का फैसला किया है. द गार्डियन के अनुसार शुक्रवार देर रात रक्षा मंत्री द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ट्रांसजेंडरों को ‘कुछ सीमित परिस्थितियों को छोड़कर’ सैन्य सेवा के लिए अयोग्य करार दिया गया है. हालांकि, इसमें सीमित परिस्थितियों को स्पष्ट नहीं किया गया है. लेकिन यह जरूर कहा गया है कि रक्षा मंत्री और होमलैंड सुरक्षा मंत्री ट्रांसजेंडरों की सैन्य सेवा संबंधी नीतियों को लागू करने में अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका सेना के मौजूदा ट्रांसजेंडर कार्मिक अपनी सेवाएं जारी रख सकते हैं. हालांकि, उनकी नियुक्ति जन्म के समय उनकी लैंगिक स्थिति के आधार पर की जाएगी. नए आदेश में यह भी शर्त जोड़ी गई है कि अगर कोई ट्रांसजेंडर सैन्यकर्मी सर्जरी के जरिए अपना लिंग परिवर्तन कराता है तो उसे सैन्य सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा.

ट्रंप प्रशासन ने नई नीति को नेताओं और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के विशेष अध्ययन और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार करने का दावा किया है. उसके मुताबिक ट्रांसजेडरों को सेना में शामिल करने की मौजूदा नीति उसकी प्रभावशीलता और मारक क्षमता के लिए जोखिम पैदा करती है. हालांकि, बीते साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि ट्रांसजेंडरों के चलते चिकित्सा खर्च और परेशानियों का बोझ सेना पर अब और नहीं डाला जा सकता है. लेकिन, इसका विरोध करते हुए पूर्व सैन्य अधिकारियों ने कहा था कि उनके इस कदम से सेना की तैयार रहने की क्षमता और उसके मनोबल पर बुरा असर पड़ेगा.