दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने आईएनएक्स मामले में कार्ति चिदंबरम को 16 अप्रैल तक के लिए अग्रिम जमानत दे दी है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सीबीआई के विशेष जज ओपी सैनी ने कार्ति चिदंबरम की जमानत याचिका पर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ई़डी) से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है. अदालत ने इसके साथ कार्ति चिदंबरम को बगैर इजाजत देश के बाहर न जाने और समन जारी होने पर जांच अधिकारी के सामने हाजिर होने का भी निर्देश दिया है.

कार्ति चिदंबरम की तरफ से शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने जिरह की. उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ न तो कोई सबूत मिले है और न ही विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) के अधिकारियों से उनकी पहचान होने की बात सामने आई है. इससे पहले ईडी ने कार्ति चिदंबरम की अग्रिम जमानत देने का विरोध किया था. उसका कहना था कि कार्ति चिदंबरम अलग-अलग अदालतों में याचिका लगाकर मनमुताबिक फैसला राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं.

कार्ति चिदंबरम के खिलाफ यह मामला 2007 में आईएनएक्स मीडिया को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए एफआईपीबी से मंजूरी दिलाने के बदले रिश्वत लेने के आरोपों से जुड़ा है. इस समय उनके पिता पी चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे. सीबीआई ने फरवरी में कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि, शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट से उन्हें जमानत दे दी थी.