उत्तर प्रदेश के राज्य सभा चुनाव में नौंवी सीट पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर की हार के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि इससे सपा-बसपा के गठजोड़ पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है. शनिवार को पत्रकारों से बात करते मायावती ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘राज्य में सपा-बसपा के गठजोड़ के बाद से ही भाजपा डरी हुई है. वह जान गई थी कि अपने नौंवे प्रत्याशी को जिता पाना उसके लिए मुश्किल होगा. इसीलिए भाजपा ने इस चुनाव में अनैतिकता का सहारा लिया.’ मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पर दूसरे दल के विधायकों को डरा-धमकाकर अपने पक्ष में वोट कराने का आरोप भी लगाया है.

इस दौरान बसपा सुप्रीमो ने हाल के उत्तर प्रदेश उपचुनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि फूलपुर और गोरखपुर में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा है, लेकिन राज्य सभा की जीत से वह उस हार की भरपाई नहीं कर सकती. मायावती के मुताबिक राज्य सभा चुनाव के नतीजों को पीछे छोड़कर सपा-बसपा एक साथ आगे बढ़ रहे हैं और आगामी आम चुनाव में भाजपा को पटखनी देने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर काम करना शुरू कर दिया है. वहीं मीडिया में आई खबरों के मुताबिक राज्य सभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने के लिए बसपा ने अपने विधायक अनिल सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया है.