संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा हंगामे की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है. मंगलवार को एक बार फिर दोनों सदनों में कोई काम नहीं हो सका. लोकसभा में 12 बजे दोबारा कार्यवाही शुरू होने के बाद एआईएडीएमके सांसदों ने कावेरी नदी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी के सामने नारेबाजी शुरू कर दी. वहीं, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर तख्तियां लहराते दिखाई दिए. इसके बाद लोक सभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी.

इससे पहले लोक सभा अध्यक्ष ने एक बार फिर टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर चर्चा कराने से इनकार कर दिया. इनका जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सदन की व्यवस्था ठीक नहीं है, इसलिए इन्हें चर्चा के लिए स्वीकार नहीं किया जा सकता है. सोमवार को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने संकेत दिया था कि अगर सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होती है तो उनके सांसद सामूहिक तौर पर इस्तीफा दे सकते हैं.

उधर, राज्य सभा में भी एआईएडीएमके और टीडीपी सांसदों ने हंगामे के बाद सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी. हालांकि, दूसरे विपक्षी इसका विरोध कर रहे थे. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इसके विरोध के तौर पर विपक्षी सांसद सत्ता पक्ष के सांसदों के सदन से बाहर जाने के बाद भी अपनी-अपनी सीटों पर बैठे रहे.