पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपानीत केंद्र सरकार पर अविश्वास प्रस्ताव से भागने का आरोप लगाया है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उन्होंने कहा, ‘किस सरकार को अविश्वास प्रस्ताव से डर लगता है. भाजपा को आशंका है कि उसे अपने ही कई सांसद वोट नहीं देंगे.’ आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग कर रही तेलुगु देशम पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे रही हैं. लेकिन, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन सदन की व्यवस्था ठीक न होने का हवाला देकर इन्हें चर्चा के लिए स्वीकार नहीं कर रही हैं.

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया है. चुनाव आयोग से पहले भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख द्वारा कर्नाटक में चुनाव की तारीख बताने पर उन्होंने कहा कि सभी संस्थाएं भाजपा की संस्था के रूप में काम कर रही हैं. वहीं, दिल्ली में नेताओं से मुलाकात पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वे किसी से दूरी बनाकर नहीं रखना चाहतीं, इसलिए सभी नेताओं से मिल रही हैं. भाजपा को देश की सबसे ज्यादा सांप्रदायिक पार्टी बताते हुए उन्होंने कहा कि 2019 का लोक सभा चुनाव बहुत दिलचस्प होगा.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दिल्ली में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार, शिवसेना और राजद के नेताओं से मुलाकात की है. इसके अलावा सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, भाजपा से नाराज चल रहे वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी से भी उनकी मुलाकात होने की संभावना है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस कोशिश को भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है.