देश में महान विभूतियों और चिंतकों की प्रतिमाएं ढहाए जाने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा. ऐसी ही एक ताजा घटना पश्चिम बंगाल में हुई है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बीते रविवार को रामनवमी के जुलूस के दौरान मौलाना अबुल कलाम आजाद की प्रतिमा ढहा दी गई. यह घटना राज्य के 24 परगना जिले में हुई.

इस अखबार ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से लिखा है कि रामनवमी के मौके पर जिले में जुलूस निकाला जा रहा था. इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. जुलूस जब जिले के मुस्लिम बहुल इलाके घोश पारा की जामा मस्जिद के आगे से निकल रहा था तो हिंदू समुदाय के लोगों ने मुस्लिमों के लिए कुछ शब्द कहे. इस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई. बताते हैं कि इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई जिसने पथराव और आगजनी का रूप ले लिया. जब इसका जुलूस में शामिल अन्य लोगों को पता चला तो उन्होंने कनकीनारा इलाके में स्थित मौलाना अबुल कलाम आजाद की प्रतिमा ढहा दी.

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने पहले तलवार से प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी. इसके बाद कुछ लोगों ने मिलकर प्रतिमा को गिरा दिया. उसने आगे कहा कि मौलाना आजाद की वह प्रतिमा वहां कुछ दिन पहले ही लगाई गई थी. जुलूस के दौरान हुई इस हिंसक घटना में मुस्लिम समुदाय के एक युवक के मारे जाने की भी खबर है. खबरों के मुताबिक इलाके में फैले तनाव के दौरान वह पड़ोस में गई अपनी बेटी को घर बुलाने के लिए बाहर निकला था. इसी दौरान उसे किसी ने गोली मार दी. इससे पहले भी रामनवमी के जुलूस के दौरान राज्य में दो लोगों के मारे जाने की खबर आई थी.

इधर प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धार्मिक जुलूस में लोगों का हथियारों के साथ शामिल होना गलत बताया है. उनका कहना है कि ऐसा करना राम के नाम और उनकी प्रतिष्ठा का अनादर करना है. उन्होंंने पुलिस को जुलूस के दौरान हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.