मायावती को लेकर अखिलेश यादव के बयानों से सपा-बसपा गठबंधन की संभावना को मजबूती मिल रही है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक मंगलवार को विधान परिषद में बोलते हुए सपा मुखिया ने कहा, ‘जब समय आएगा तो मैं बड़ा दिल दिखाते हुए (मायावती के) अनुभव का लाभ उठाऊंगा.’ अखिलेश यादव ने मायावती का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी बात को मायावती के उस बयान से जोड़ कर देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा प्रमुख में राजनीतिक अनुभव की कमी है. राज्यसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार की हार के बाद मायावती ने कहा था, ‘अगर अखिलेश यादव राजनीतिक रूप से परिपक्व होते तो बसपा उम्मीदवार को जिताने पर ध्यान देते.’

दरअसल बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर के राज्यसभा चुनाव हारने को सपा-बसपा गठबंधन के लिए झटका माना जा रहा था. हालांकि सपा की भूमिका को लेकर नाराजगी जाहिर करने के बावजूद मायावती ने साफ कर दिया था कि इस हार से दोनों दलों के गठबंधन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. वहीं, अखिलेश यादव ने भी कहा कि सपा-बसपा के साथ आने से भाजपा नाराज है. उन्होंने कहा कि भाजपा दोनों दलों को अलग करना चाहती है, लेकिन गठबंधन बना रहेगा.