व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सीलिंग (अनधिकृत प्रतिष्ठानों को बंद करना) के विरोध में बुधवार को दिल्ली के सभी बड़े बाज़ार बंद रखे गए हैं. सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त निगरानी समिति के निर्देशों के तहत दिल्ली के कुछ इलाकों में सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है जिसका व्यापारी संगठन विरोध कर रहे हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार व्यापारी संगठनों ने दिल्ली के रामलीला मैदान पर विरोध प्रदर्शन और रैली का भी आयोजन किया है. यह रैली दोपहर से शुरू हुई है. दिल्ली पुलिस की संयुक्त आयुक्त (यातायात) गरिमा भटनागर ने बताया, ‘व्यापारियों के प्रदर्शन की वज़ह से दिल्ली के कुछेक इलाकों में जाम लग सकता है. हालांकि पुलिस ने इससे निपटने के पूरे इंतज़ाम किए हैं. वैसे पुलिस को 7,000 लोगों से ज़्यादा की भीड़ इकट्‌ठी होने की उम्मीद नहीं है इसलिए आम लोगों के लिए कोई ट्रैफिक एडवाइज़री (यह मशविरा कि कहां से गुजरें और कहां से नहीं) नहीं जारी की गई है.’

इधर व्यापारी संगठनों का दावा है कि कनॉट प्लेस, लाजपत नगर, साउथ एक्सटेंशन, डिफेंस कॉलोनी, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, खान मार्केट, सदर बाजार, करोल बाग़, कश्मीरी गेट आदि सभी स्थानों के बाज़ार बंद हैं. बताया जाता है कि सरोजिनी नगर और चांदनी चौक जैसे इलाके सीलिंग की कार्रवाई से बाहर रखे गए हैं. इसके बावज़ूद यहां के व्यापारिक प्रतिष्ठान और संगठन भी विरोध प्रदर्शन में साथ दे रहे हैं.

कन्फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने बताया, ‘विरोध प्रदर्शन में व्यापारियों के परिवार के लोग भी हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि किसी एक दुकान को सील करने से किस तरह कम से कम 20 परिवार प्रभावित होते हैं. सीलिंग की मौज़ूदा कार्रवाई से दिल्ली के क़रीब 40 लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं.’