सत्ता की संभालने के सात साल बाद पहली बार उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन अपने देश की सीमाओं से बाहर से निकले हैं. वे फिलहाल की चीन की यात्रा पर हैं और ख़बरों की मानें तो यहां के बाद कुछ अन्य देशों की यात्रा पर भी जा सकते हैं. उन ने 2011 अपने देश की सत्ता संभाली थी.

उत्तर कोरियाई मीडिया के हवाले से ही द इकॉनॉमिक टाइम्स ने ख़बर दी है कि उन जल्द ही अपने पड़ोसी और प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जाए-इन से मुलाकात कर सकते हैं. इसके बाद उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की भी तैयारी है. हालांकि इन मुलाकातों की तारीखें और जगहें अभी सामने नहीं आई हैं. यही नहीं ख़बर तो यहां तक है कि किम जोंग उन जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे से भी मिल सकते हैं. जबकि इससे पहले वे जापान काे भी सीधी चुनौती देते रहे हैं.

वैसे जानकार बताते हैं कि किम जोंग उन के रुख़ में यह परिवर्तन आने की मज़बूत आधार है. और वो यह है कि परमाणु कार्यक्रम की वज़ह से उत्तर कोरिया पर लगातार अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है. वह अलग-थलग पड़ा हुआ है. यहां तक उसके सबसे निकट और पुराने सहयोगी चीन ने भी उस पर इसी कारण से प्रतिबंध सख़्त किए हैं. इसीलिए मज़बूरन उन को झुकना पड़ा है क्योंकि वे चीन जैसे अपने सहयोगी को खाेना नहीं चाहते. यही कारण है कि देश की सीमा से बाहर निकलकर सबसे पहले चीन की यात्रा पर ही गए हैं. हालांकि चीन की राजधानी बीजिंग में वहां के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी क्या बातचीत हुई यह अब तक सामने नहीं आया है.