ब्रिटेन में पूर्व रूसी जासूस पर नर्व एजेंट से कथित हमले को लेकर पश्चिमी देशों और रूस के बीच टकराव जारी है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में रूस के राजदूत ग्रिगरी लॉगविनोव ने रूसी राजनयिकों के निष्कासन को पश्चिमी देशों का पक्षपातपूर्ण कदम बताया है. बुधवार को उन्होंने कहा, ‘पश्चिमी देशों को यह समझना होगा कि रूस विरोधी अभियान का कोई मतलब नहीं है. अगर यह जारी रहा तो हम लोग शीत युद्ध जैसे हालात में फंसे होंगे.’

मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया ने भी रूस के दो राजनयिकों को निकाल दिया था. वहां के प्रधानमंत्री मेलकम टर्नबुल ने इन्हें ‘अघोषित खुफिया अधिकारी’ बताया था. हालांकि, रूसी राजदूत ग्रिगरी लॉगविनोव ने दोनों राजनयिकों को पंजीकृत बताया है. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया पर बगैर सबूत आंख बंद करके ब्रिटेन की सलाह मानने का आरोप भी लगाया. राजदूत ग्रिगरी लॉगविनोव ने कहा, ‘ब्रिटेन ने हठ दिखाते हुए कोई सबूत नहीं दिया है. उन्होंने रासायनिक हथियार निषेध संधि के प्रावधानों और प्रोटोकॉल को भी मानने से इनकार कर दिया है.’ उनके मुताबिक इस मामले में या तो ब्रिटेन के पास सबूत नहीं हैं या फिर सबूत उसके ही दावों के खिलाफ हैं.

बीते कुछ दिनों में ब्रिटेन और अमेरिका सहित एक दर्जन पश्चिमी देश रूस के कम से कम 140 राजनयिकों को निकाल चुके हैं. इसे रूस के राजनयिक इतिहास का सबसे बड़ा निष्कासन बताया जा रहा है. हालांकि, रूस चार मार्च को ब्रिटेन में पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रीपल और उनकी बेटी यूलिया पर नर्व एजेंट से कथित हमले में अपना हाथ होने से लगातार इनकार कर रहा है.