कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) द्वारा आयोजित होने वाली ऑनलाइन परीक्षाओं में नकल कराने वाले गिरोह की जानकारी सामने आई है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की संयुक्त टीम ने एसएससी परीक्षाओं का प्रश्नपत्र हल करने वाले एक गिरोह को पकड़ा है, जो टीम व्यूअर जैसे रिमोट एक्सेस टूल सॉफ्टवेयर के जरिए उम्मीदवारों को नकल कराता था. पुलिस ने पकड़े गए आरोपितों की पहचान सोनू सिंह, अजय जायसवाल, प्रेम और गौरव के रूप में की है. इसके दो सदस्य सोनू और हरपाल अभी फरार हैं, जिन्हें इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक यह गिरोह कम से कम 10 परीक्षा केंद्रों को चलाता था, जहां टीम व्यूअर जैसे सॉफ्टवेयर की मदद से उम्मीदवारों को नकल कराई जाती थी. यह गिरोह इसके बदले उम्मीदवारों से तीन लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक लेता था. पुलिस उपाधीक्षक (यूपी एसटीएफ) बृजेश सिंह ने बताया, ‘आरोपित सॉफ्टवेयर के जरिए भुगतान करने वाले उम्मीदवारों के कंप्यूटर तक पहुंच बना लेते थे. इसके बाद सॉल्वर सवालों का दे देते थे.’ उन्होंने यह भी बताया कि जहां ये लोग टीम व्यूअर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नहीं कर पाते थे, वहां लोकल एरिया नेटवर्क (लैन) के जरिए कंप्यूटर को नियंत्रण में लेकर नकल कराते थे.

रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के तीमारपुर इलाके में छापेमारी के बाद इस गिरोह को पकड़ा है. इसके पास से 10 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, तीन महंगी कारें, एक पेनड्राइव, हार्ड डिस्क और पांच लाख रुपये बरामद किए हैं. पुलिस अब इनके पास से बरामद मोबाइलों के नंबरों को खंगालेगी, ताकि एसएससी परीक्षाओं में इनकी मदद लेने वाले उम्मीदवारों तक पहुंचा जा सके. पुलिस के मुताबिक यह गिरोह 2011 से सक्रिय था, इसलिए इसकी मदद से नकल करने वाले उम्मीदवारों की संख्या सैकड़ों में हो सकती है.