केंद्र ने सार्वजनिक विमानन कंपनी एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश के तहत 76 फीसदी हिस्से को बेचने की योजना बनाई है. बुधवार को जारी प्रारंभिक मसौदे के अनुसार यह प्रक्रिया एयर इंडिया में भारत सरकार की 76 फीसदी इक्विटी शेयर पूंजी की बिक्री के साथ इसका प्रबंधन और नियंत्रण सौंपने तक सीमित रहेगी. आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने जून 2017 में एयर इंडिया के विनिवेश प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी.

सरकार ने एयर इंडिया के संभावित खरीदारों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं. इसके लिए अंतिम तारीख 14 मई रखी गई है. वहीं, चयनित बोलीकर्ताओं की सूचना 28 मई को दी जाएगी. हालांकि, इसमें केवल वही कंपनियां भाग ले पाएंगी, जिनकी कुल पूंजी कम से कम 50 अरब रुपये है. सरकार ने एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया में प्रबंधन कंपनी अर्नेस्ट एंड यंग एलएलपी को सलाहकार बनाया है.

उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एयर इंडिया को देश का आभूषण बताया है और इसके विनिवेश का विरोध किया है. विनिवेश प्रस्ताव को वापस लेने की मांग करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार को देश को बेचने की छूट नहीं दी जा सकती है.