फेसबुक से डेटा चोरी के मामले पर सरकार का रुख सख्त होता जा रहा है. बुधवार को उसने फेसबुक को एक नोटिस भेजा है. इसमें उससे यह जानकारी देने को कहा गया है कि क्या केंब्रिज एनैलिटिका या किसी दूसरी कंपनी ने उससे भारतीय वोटरों का निजी डेटा गलत तरीके से हासिल किया है. सरकार ने फेसबुक से यह भी पूछा है कि क्या वो या उसकी कोई सहयोगी फर्म इस डेटा के जरिये भारत की चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के काम में कभी भी शामिल रही है. उससे यह सवाल भी किया गया है कि उसने यूजरों के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए हैं. फेसबुक को जवाब देने के लिए सात अप्रैल तक का वक्त दिया गया है.

यह विवाद एक ब्रिटिश चैनल की इस खबर के बाद उठा था कि कैंब्रिज एनालिटिका नाम की एक कंपनी ने फेसबुक से गलत तरीके से डेटा हासिल किया है. चैनल का आरोप था कि कंपनी ने इसके जरिये कई देशों में चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित किया है. इस मामले में भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही एक-दूसरे पर इस कंपनी का क्लाइंट होने का आरोप लगा रही हैं. इससे पहले सरकार ने कहा था कि मामले में अगर जरूरत पड़ी तो फेसबुक के मुखिया मार्क जुकरबर्ग को भी भारत तलब किया जाएगा.