फेसबुक डेटा लीक मामला सामने आने के बाद विवादों में घिरी फर्म कैंब्रिज एनालिटिका (सीए) को लेकर नए तथ्यों का सामने आना जारी है. बुधवार को ‘व्हिसिलब्लोअर’ क्रिस्टोफर वायली ने सीए को लेकर नए दावे किए. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक वायली ने बताया कि सीए की शाखा एससीएल इंडिया ने 2012 में उत्तर प्रदेश में एक राष्ट्रीय पार्टी के लिए जातिगत जनगणना की थी. खबर के मुताबिक यह कवायद पार्टी के मूल और ऐसे वोटरों की पहचान करने के लिए भी की गई थी जिन्हें अपने पक्ष में किया जा सकता हो.

रिपोर्ट के मुताबिक क्रिस्टोफर वायली ने यह भी बताया कि भारत के छह राज्यों - केरल, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश - में जिहादी आंदोलन के लिए की जा रही भर्तियों को रोकने के लिए भी एससीएल इंडिया ने एक ‘रिसर्च कम्युनिकेशन कैंपेन’ चलाया था. वहीं, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में हुए चुनावों के लिए भी कंपनी ने चुनाव संबंधी अध्ययन किए थे.

क्रिस्टोफर वायली ने कहा कि सीए की एक शाखा ने 2009 के लोकसभा चुनाव में कई उम्मीदवारों के लिए काम किया था. वायली ने यह भी बताया कि 2003 से 2012 के बीच हुए चुनावों में कैंब्रिज एनालिटिका के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार में कई क्लाइंट थे. वायली पहले बता चुके हैं कि 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में सीए ने नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के लिए काम किया था. कांग्रेस और जेडीयू के अलावा अभी तक उन्होंने बाकी किसी पार्टी का नाम सीधे नहीं लिया है.