तालिबान आतंकियों के जानलेवा हमले के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफ़ज़ई पहली बार पाकिस्तान पहुंची हैं. वे चार दिन पाकिस्तान में रहेंगी. इस दौरान उनका प्रधानमंत्री शाहिद खाक़ान अब्बासी से मिलने का भी कार्यक्रम है.

ख़बरों के मुताबिक पाकिस्तानी मीडिया ने उनकी कुछ तस्वीरें छापी हैं. इसमें 20 वर्षीय मलाला इस्लामाबाद के बेनज़ीर भुट्‌टो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्‌डे पर कड़ी सुरक्षा के बीच अपने माता-पिता के साथ नज़र आ रही हैं. मलाला की यात्रा से जुड़ा विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है क्योंकि वे अब भी आतंकियों के निशाने पर हैं. कुछ कट्‌टरपंथी उन्हें पश्चिमी देशों का एजेंट कहते हैं. उन पर आरोप लगाते हैं कि उन्होंने दुनिया में देश का सिर झुकाया है.

आतंकी और कट्‌टरपंथी इस बात से ख़ास तौर पर नाराज़ हैं कि मलाला लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ज़ोर देती हैं. उसके लिए अपनी तरफ़ से सभी तरह के प्रयास करती हैं. इसी नाराज़गी के कारण आतंकियों ने उन पर नौ अक्टूबर 2012 को हमला किया था. उस वक़्त उनके सिर में गोली लगी थी. गंभीर हालत में उन्हें एयर एंबुलेंस से बर्मिंघम, ब्रिटेन ले जाया गया था. वहां काफ़ी दिनों के सघन इलाज़ के बाद वे ठीक हो सकीं.

ठीक होने के बाद मलाला ने बर्मिंघम में ही स्कूली पढ़ाई पूरी की. उन्होंने मानवाधिकार संरक्षण और लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के अपने प्रयास भी जारी रखे. इसके चलते आज वे दुनिया में मानवाधिकार संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली नामी पाकिस्तानी कार्यकर्ता के तौर पर पहचानी जाती हैं. इस काम के लिए उन्हें 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार भी दिया जा चुका है. उनके पाकिस्तान लौटने पर सोशल मीडिया का एक बड़ा हिस्सा उनका स्वागत कर रहा है.