रामनवमी के जुलूस के दौरान पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में ​हुई आगजनी और हिंसक घटनाओं पर केंद्र ने प्रदेश सरकार से रिपोर्ट देने को कहा है. उसने पश्चिम बंगाल सरकार से पूछा है कि प्रदेश में हिंसा रोकने के लिए उसने क्या कदम उठाए हैं. इस दौरान केंद्र ने स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार को मदद की पेशकश भी की है.

इस बीच केंद्र द्वारा इस रिपोर्ट को मांगे जाने पर राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं. पार्टी महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा है कि केंद्र बिहार से ऐसी रिपोर्ट क्यों नहीं मांगता. उनके मुताबिक ऐसा इसलिए है कि वहां भाजपा के सहयोगी दल की सरकार है.

इससे पहले रामनवमी के जुलूस के दौरान हिंसा के बाद आसनसोल के सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने प्रदेश की सुरक्षा-व्यवस्था पर सवाल उठाया था. अपने एक ट्वीट में इस हिंसा का जिम्मेदार उन्होंने राज्य सरकार को बताया था. साथ ही उन्होंने यह भी लिखा था कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्होंने पहले ही केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की थी.

रामनवमी जुलूस के दौरान सबसे पहले बर्धमान जिले के पश्चिमी हिस्से में तनाव पैदा हुआ था. फिर तनाव ने हिंसक रूप ले लिया था. बाद में पुरूलिया, मुर्शिदाबाद, रानीगंज में भी आगजनी और हिंसक घटनाएं हुई थीं. इन घटनाओं में कुल तीन लोग मारे गए जबकि दर्जन भर से ज्यादा घायल हुए.