परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम के चलते सख्त अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों का सामना कर रहे उत्तर कोरिया के तानाशाह शासक किम जोंग-उन अपने रुख में नरमी लाते दिखाई दे रहे हैं. खबरों के मुताबिक चीन की यात्रा के बाद अब किम जोंग-उन 27 अप्रैल को दक्षिण कोरिया जाएंगे. यहां वे दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जो-इन के साथ द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लेंगे. इस मुलाकात के बारे में फैसला दोनों देशों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक में किया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग-उन और मो जो-इन के बीच यह प्रस्तावित बैठक दोनों देशों के बीच 1953 के बाद अपनी तरह की तीसरी बैठक होगी. यही नहीं किम जोंग-उन, कोरिया युद्ध खत्म होने के बाद दक्षिण कोरिया जाने वाले उत्तर कोरिया के पहले शासक होंगे. किम जोंग-उन की इस यात्रा को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है. यह बैठक मई में होने की संभावना है. खबरों के मुताबिक उत्तर कोरिया और जापान के बीच भी जून में द्विपक्षीय बैठक की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं.

किम जोंग-उन ने सबको हैरत में डालते हुए इसी हफ्ते चीन का दौरा किया है. बुधवार को चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक में उन्होंने कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने का वादा किया है.