भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के संचार उपग्रह जीसैट-6ए का प्रक्षेपण सफल रहा है. इसे गुरुवार शाम 4.56 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से छोड़ा गया. जीसैट-6ए के प्रक्षेपण में जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच व्हीकल (जीएसएलवी-एफ 08) का इस्तेमाल किया गया. 49.1 मीटर लंबे इस रॉकेट का वजन 415.6 टन था. इसे जीसैट-6ए को उसकी कक्षा में स्थापित करने में 17 मिनट का समय लगा. जीएसएलवी-एफ 08 की यह 12वीं उड़ान थी. हालांकि, इस बार इसरो ने इसमें उच्च क्षमता का इंजन लगाया था और इलेक्ट्रोमकैनिकल एक्चुएशन सिस्टम की जगह इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक एक्चुएशन सिस्टम का उपयोग किया था.

इसरो के मुताबिक संचार उपग्रह जीसैट-6ए को 2015 में प्रक्षेपित संचार उपग्रह जीसैट-6 की मदद करने के लिए छोड़ा गया है. 2.000 किलोग्राम वजनी जीसैट-6ए की आयु 10 साल है. उच्च क्षमता का एस-बैंड संचार उपग्रह होने के नाते इसे उपग्रह आधारित मोबाइल संचार में उपयोगी माना जा रहा है.

जीसैट-6ए के प्रक्षेपण के बाद इसरो प्रमुख डॉ के सिवन ने कहा कि अगले नौ महीनों में 10 और प्रक्षेपण किए जाएंगे. उन्होंने यह भी बताया कि इनमें शक्तिशाली संचार उपग्रह शामिल होंगे.