पश्चिम बंगाल पुलिस ने भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के खिलाफ कई गैरजमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. उन पर धारा 144 के उल्लंघन और लोकसेवकों को काम करने से रोकने का आरोप है. यह कार्रवाई तब की गई जब बाबुल सुप्रियो सांप्रदायिक हिंसा से जूझ रहे आसनसोल में घुसने की कोशिश कर रहे थे. वे इस इलाके के सांसद भी हैं. इलाके में धारा 144 लगे होने के चलते पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की जिसके बाद उनकी पुलिस अधिकारियों से बहस हो गई.

आसनसोल के रानीगंज में बीते सोमवार को रामनवमी के जुलूस के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक पुलिस अधिकारी को हाथ गंवाना पड़ा था. बाबुल सुप्रियो ने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है. उधर, तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सांसद राजनीति न करें और पुलिस को अपना काम करने दें. पार्टी नेता जितेंद्र तिवारी ने कहा कि जब रानीगंज जल रहा था बाबुल सुप्रियो होटल में आराम कर रहे थे और अब पुलिस अपना काम कर रही है तो वे इसमें बाधा डाल रहे हैं.