बिहार के औरंगाबाद में रामनवमी और उसके अगले दिन हुई सांप्रदायिक हिंसा का एक आरोपित और भाजपा कार्यकर्ता अनिल सिंह पुलिस की गिरफ्त से भाग निकला है. इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक गुरुवार को अनिल सिंह को पेशी के लिए एक स्थानीय अदालत लाया गया था, लेकिन वह किसी तरह भाग निकला. औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सत्य प्रकाश ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि लापरवाही करने वाले पुलिकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

खबर के मुताबिक साल 2007 में भाजपा से जुड़ा अनिल सिंह कम से कम सात साल जेल में बिता चुका है. वह हिंदू सेवा समिति नाम के संगठन से भी जुड़ा हुआ है. अनिल सिंह के अलावा औरंगाबाद में भाजपा इकाई के प्रवक्ता उज्जवल कुमार और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता दीपक कुमार के नाम भी दंगे को लेकर दर्ज की गई एफआईआर में शामिल हैं. एसपी सत्य प्रकाश ने अखबार को बताया कि अब तक कम से कम 180 दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है.

रविवार को रामनवमी के दिन औरंगाबाद जिले में दंगाइयों ने जामा मस्जिद के पास 50 दुकानों में आग लगा दी थी. वहीं, पत्थरबाजी की घटना में 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. बताया गया कि इससे पहले कुछ लोगों ने कथित रूप से रामनवमी के मौके पर नवादिह इलाके में निकाले जा रहे जुलूस पर पत्थर फेंके थे. हिंसा के बाद औरंगाबाद के अधिकारियों ने इलाके में कर्फ्यू लगा दिया था.