बिहार में रामनवमी के बाद से सांप्रदायिक हिंसा और टकराव की घटनाएं लगातार जारी हैं. औरंगाबाद और समस्तीपुर के बाद शुक्रवार को नवादा शहर में भी सांप्रदायिक टकराव की घटना सामने आई. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक नवादा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि अराजकतत्वों ने एक मूर्ति को नुकसान पहुंचा दिया, जिसके बाद दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए. उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाके में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है और अब स्थिति सामान्य है.

रामनवमी के मौके पर बिहार के कई जिलों में सांप्रदायिक टकराव की घटनाएं सामने आई थीं. इस सिलसिले में गुरुवार को पुलिस ने समस्तीपुर, मुंगेर और नालंदा जिले में 57 लोगों को गिरफ्तार किया था. खबरों के मुताबिक समस्तीपुर में पुलिस ने दो भाजपा कार्यकर्ताओं सहित 10 लोगों को, जबकि औरंगाबाद में 180 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था. औरंगाबाद में गिरफ्तार लोगों में भाजपा कार्यकर्ता अनिल सिंह भी शामिल था, जो पेशी पर अदालत लाए जाने के दौरान फरार हो गया है.

रामनवमी के बाद पश्चिम बंगाल में भी हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं. इस बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के हिंसाग्रस्त आसनसोल का जायजा लेने के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई है. इसमें भाजपा नेता ओम माथुर, शाहनवाज हुसैन, रूपा गांगुली और बीडी माथुर शामिल हैं. वहीं, केंद्र सरकार ने भी पश्चिम बंगाल से रामनवमी पर भड़की हिंसा पर रिपोर्ट मांगी है.