दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पेपर लीक होने की अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग करने वाली याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सोमवार को कार्यवाहक चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस हरिशंकर ने इस पर केंद्र और सीबीएसई से जवाब मांगा है. बीते हफ्ते 10वीं की गणित और 12वीं की इकॉनॉमिक्स का पेपर लीक हो गया था.

रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीएसई से 10वीं की गणित की परीक्षा दोबारा कराने की योजना भी बताने का निर्देश दिया है. याचिकाकर्ता एनजीओ सोशल ज्यूरिस्ट ने यह भी मांग की है कि 10वीं की गणित का पेपर भी जुलाई की जगह अप्रैल में कराया जाना चाहिए. इसके अलावा गणित और इकॉनॉमिक्स में छात्रों को अतिरिक्त अंक भी देने चाहिए. बीते हफ्ते केंद्रीय शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने 12वीं की इकॉनॉमिक्स का पेपर 25 अप्रैल को, जबकि 10वीं की गणित का पेपर जुलाई में कराने की घोषणा की थी.

इस बीच रविवार को दिल्ली पुलिस ने इकॉनॉमिक्स का पेपर लीक करने के मामले में तीन अध्यापकों को गिरफ्तार किया है. सूत्रों के हवाले से अखबार ने बताया है कि इन अध्यापकों ने छात्रों को 45 मिनट पहले ही पेपर दे दिए थे. दिल्ली पुलिस इसे पैसे के बदले पेपर लीक करने का मामला मान रही है. इससे पहले शनिवार को झारखंड पुलिस ने 10वीं की गणित का पेपर लीक करने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और नौ नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया था.