केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोलियम उत्पादों को जल्दी ही वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के तहत लाए जाने की उम्मीद जताई है. सोमवार को प्रधान ने कहा, ‘मैं जीएसटी काउंसिल से इसकी अपील करता हूं ताकि देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों को एक समान उचित मूल्य पर लाया जा सके.’ उन्होंंने आगे कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत चढ़ने से देश में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ जाती हैं. इन उत्पादों की ऊंची कीमतें ग्राहकों को किस कदर चुभती हैं मैं इस बात को अच्छी तरह समझता हूं.’ पेट्रोलियम पदा​र्थों पर उत्पाद शुल्क घटाने और इसे जीएसटी के तहत लाने की बात प्रधान पहले भी उठा चुके हैं.

केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब बीते चार साल के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमत अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है. रविवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई वृद्धि के बाद दिल्ली में पेट्रोल 73.73 रुपये पर प्रति लीटर पर बिक रहा है. सितंबर 2014 के बाद से बीते चार सालों के दौरान यह इसकी सबसे ऊंची कीमत है. हालांकि इससे पहले पेट्रोल के दाम 76.06 रुपये पर तक भी पहुंच चुके हैं. डीजल की मौजूदा कीमत देखें तो दिल्ली में यह 64.58 रुपये प्रति लीटर हो गई है. इससे पहले फरवरी 2018 में इसकी कीमत 64.22 रुपये पर पहुंची थी जो कि इसकी सबसे ऊंची दर थी.