‘अरुण जेटली तो आपकी (अरविंद केजरीवाल) माफी मान लेंगे, लेकिन उन कार्यकर्ताओं का क्या, जिनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं?’

— कुमार विश्वास, आम आदमी पार्टी (आप) के संस्थापक सदस्य

आप नेता कुमार विश्वास का यह बयान पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा मानहानि के मामले में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली से माफी मांगने पर आया. इसे कार्यकर्ताओं के साथ धोखा बताते हुए उन्होंने कहा, ‘पंजाब में बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ लाखों पर्चे बांटे गए, फिर आपने (अरविंद केजरीवाल) अचानक माफी मांग ली.’ कुमार विश्वास ने कहा कि आम आदमी पार्टी को अपनी कानूनी इकाई को सक्रिय करना चाहिए और सबसे पहले 11 हजार आप कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को खत्म कराना चाहिए. केंद्रीय मंत्री से माफी मांगने वाले आप नेताओं में संजय सिंह, राघव चड्‌ढ़ा और आशुतोष भी शामिल हैं.

‘मुआवजा देना कोई बिस्किट बांटने जैसा काम नहीं है.’

— वीके सिंह, विदेश राज्यमंत्री

विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह का यह बयान इराक में मारे गए भारतीयों के परिजनों के लिए रोजगार और सहायता की घोषणा करने से जुड़े सवालों पर आया. उन्होंने कहा, ‘अभी कहां से घोषणा कर दूं, जेब में कोई पिटारा थोड़े रखा है.’ वीके सिंह ने आगे कहा कि पीड़ित परिजनों का मुआवजा फुटबॉल का खेल नहीं हैं, इसको लेकर केंद्र और राज्य की सरकारें संवेदनशील हैं. उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पीड़ित परिजनों को नौकरी देने के लिए उनसे जानकारी मांगी है, जिस पर बाद में विचार किया जाएगा. वीके सिंह सोमवार को 39 में से 38 भारतीयों के शवों को लेकर विशेष विमान से भारत लौटे थे.


‘प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने के लिए असामाजिक तत्वों को भेजा गया था, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ.’

— मायावती, बसपा प्रमुख

बसपा प्रमुख मायावती का यह बयान भारत बंद के दौरान हिंसा की घटनाओं को लेकर आया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. भारत बंद का समर्थन करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वालों में उनकी पार्टी के कार्यकर्ता शामिल नहीं थे. सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम को कमजोर करने के विरोध में दलित संगठनों ने सोमवार को देश भर में प्रदर्शन किया. इसमें मध्य प्रदेश में छह, उत्तर प्रदेश में दो और राजस्थान में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.


‘एससी-एसटी एक्ट मामले में मोदी सरकार को तत्काल अध्यादेश लाना चाहिए.’

— शरद यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री

पूर्व मंत्री शरद यादव का यह बयान अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम मामले में केंद्र द्वारा सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका लगाने पर आया. उन्होंने कहा कि यह (समीक्षा याचिका) कुछ और नहीं, केवल बहानेबाजी है. शरद यादव ने आगे कहा कि किसी भी कानून का दुरुपयोग उसे कमजोर करने का आधार नहीं हो सकता है. आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि एससी के खिलाफ अपराध 40 फीसदी, जबकि एसटी के खिलाफ अपराध 140 फीसदी बढ़े हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री के मुताबिक एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में आरोपितों को सजा मिलने की दर भी घटी है.


‘भारत की मदद से तिब्बती बौद्ध धर्म को फलने-फूलने का मौका मिला है.’

— लोबसांग सांगे, तिब्बत के निर्वासित प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री लोबसांग सांगे का यह बयान तिब्बतियों के भारत में शरण लेने की 60वीं वर्षगांठ से जुड़े एक कार्यक्रम में आया. उन्होंने कहा, ‘एक प्राचीन संस्कृति, जिसे चीन ने तबाह कर डाला था, भारत के सहयोग से सुरक्षित बच पायी है.’ प्रधानमंत्री लोबसांग सांगे ने आगे कहा कि निर्वासित सरकार के एकमात्र मकसद तिब्बत लौटना है, 60 लाख तिब्बती की आकांक्षा है कि दलाई लामा तिब्बत लौटें. उन्होंने यह भी कहा कि तिब्बत लौटने लिए चीन से बात करनी होगी, क्योंकि उसका सहयोग जरूरी है. तिब्बत के निर्वासित प्रधानमंत्री के मुताबिक अभी चीन से कोई औपचारिक बातचीत नहीं हो रही है.