अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) अत्याचार रोकथाम कानून के प्रावधानों को कमजोर करने के विरोध में सोमवार को पूरे देश में प्रदर्शन किया गया. इस दौरान अलग-अलग राज्यों में हिंसा की वजह से 12 लोगों की मौत हो गई. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर दुख जताया है. उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका लगा दी है.

उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से माफी मांगने की खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. उनके साथ आप के तीन अन्य नेताओं- संजय सिंह, राघव चड्‌ढ़ा और आशुतोष ने भी वित्त मंत्री से माफी मांगी है. इन सभी ने अरुण जेटली पर आरोप लगाया था कि वे जब दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख थे तो वहां बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं.

869 दवाइयां महंगी हुईं

बीमारियों से जूझ रहे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक दिल की बीमारी में इस्तेमाल किए जाने वाले बेयर मेटल स्टेंट की कीमत बढ़कर 7923 हो गई है. साथ ही, ड्रग इल्यूटिंग स्टेंट की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है. अब यह 28849 रुपये का हो गया है. इसके अलावा एंटीबायोटिक्स और कैंसर में दी जाने वाली दवाइयों समेत कुल 869 दवाइयां खरीदने के लिए मरीजों को पहले से ज्यादा जेब ढीली करनी होगी. दूसरी ओर, मूल्य नियंत्रण के तहत आने वाले आठ इंट्रावेनस फ्ल्यूड के दाम भी बढ़ाए गए हैं. राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण का कहना है कि कीमतों में यह बढ़ोतरी वार्षिक थोक मूल्य इंडेक्स की वजह से हुई है.

केंद्र ने फसल बीमा योजना के लिए राज्यों को अपनी बीमा कंपनियों के गठन की अनुमति दी

केंद्र ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्यों को अपनी बीमा कंपनियों के गठन की अनुमति दे दी है. राज्यों ने इसकी मांग की थी. जनसत्ता में छपी खबर के मुताबिक कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इसके लिए राज्यों द्वारा तय की गई बीमा कंपनी को बोली प्रक्रिया में हिस्सा लेना होगा. बताया जाता है कि अब तक सार्वजनिक क्षेत्र की पांच और निजी क्षेत्र की 13 बीमा कंपनियों को इस योजना के लिए चुना गया है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत अप्रैल, 2016 में की गई थी. इसके तहत किसानों के लिए प्रीमियम की दर डेढ़ फीसदी (रबी फसल), दो फीसदी (खरीफ फसल) और पांच फीसदी (बागवानी फसल) है.

कश्मीर : स्थिति तनावपूर्ण, सुरक्षा बलों के साथ झड़प में 30 से अधिक घायल

कश्मीर में एक बार फिर स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है. द एशियन एज की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को मुठभेड़ की घटना के बाद श्रीनगर सहित घाटी के अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा सख्त कर दी गई है. अलगाववादी नेताओं ने सोमवार को कश्मीर में बंद बुलाया था. बताया जाता है कि इस दौरान शोपियां में पुलिस बल के साथ झड़प में 30 से अधिक लोग घायल हो गए. इसके अलावा श्रीनगर के गोल चौक इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया. इसमें भी कइयों के घायल होने की खबर है. उधर, सुरक्षा बलों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी किए जाने के बाद उन्हें यह कदम उठाना पड़ा. इससे पहले रविवार को अनंतनाग और शोपियां में हुई मुठभेड़ों में 12 आतंकियों के साथ चार स्थानीय नागरिक भी मारे गए थे.

फर्जी खबर देने वाले पत्रकारों के खिलाफ सरकार सख्त

फर्जी खबरों की तादाद बढ़ने की बात सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने इसके खिलाफ कदम उठाने का ऐलान किया है. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा है कि यदि कोई पत्रकार फर्जी खबर देने में शामिल पाया जाता है तो उसकी मान्यता स्थायी रूप से रद्द की जा सकती है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि पहली बार फर्जी खबर के प्रकाशन या प्रसारण की पुष्टि होने पर पत्रकार की मान्यता छह महीने और दूसरी बार ऐसा होने पर एक साल के लिए रद्द की जाएगी. तीसरी बार मामला सामने आने पर दोषी पत्रकार की मान्यता हमेशा के लिए रद्द कर दी जाएगी.