इस साल देश में मानसून के सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना बहुत ज्यादा है. मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली निजी संस्था स्काईमेट ने बुधवार को यह जानकारी दी है. लोकसभा चुनाव के ठीक पहले अच्छी बारिश होने की खबर को केंद्र सरकार के लिए राहत का सबब माना जा रहा है.

स्काईमेट ने बताया है कि जून से शुरू होने वाली बरसात के मौसम में 20 फीसदी संभावना सामान्य से ज्यादा बारिश होने की है जबकि 55 फीसदी संभावना इसके सामान्य रहने की है. संस्था के अनुसार इस बार सामान्य से कम बारिश होने की संभावना केवल 20 फीसदी है. वहीं 90 फीसदी से कम बारिश यानी सूखे की संभावना इस बार शून्य फीसदी बताई गई है. स्काईमेट के अनुसार इस बार देश में औसतन 89 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है.

मौसम विज्ञान के अनुसार पिछले 50 सालों के दौरान मानसून में हुई बारिश के औसत के 96 से लेकर 104 फीसदी का दायरा सामान्य मानसून कहलाता है. इससे ज्यादा या कम बारिश होने पर मानसून को सामान्य से अधिक या कम माना जाता है. भारत में मानसून का सीजन प्राय: जून से सितंबर के बीच माना जाता है.

हालांकि स्काईमेट ने इस बार देश के कुछ इलाकों में औसत से कम बारिश होने का भी अंदेशा जताया है. इसके अनुसार दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत जैसे इलाकों में इस बार कम बारिश हो सकती है. स्काईमेट ने जून और सितंबर में औसत से ज्यादा और जुलाई-अगस्त में औसत से थोड़ा कम बारिश होने का अनुमान भी व्यक्त किया है.

जानकारों के अनुसार इस बार अच्छी बरसात होने पर देश में अनाजों का उत्पादन काफी अच्छा हो सकता है. इससे इस साल के अंत में महंगाई को कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि ज्यादा बारिश होने पर कई इलाकों में बाढ़ का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है. स्काईमेट के बाद अब देश की सरकारी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी भारतीय मौसम विभाग के इस महीने के दूसरे पखवाड़े में अपना आकलन जारी करने की संभावना है.