21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में मीरा बाई चानू के बाद अब संजीता चानू ने इतिहास रच दिया है. वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन) के 53 किलो भारवर्ग में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता. कुल 192 किलोग्राम वजन उठाकर संजीता चानू ने नया रिकॉर्ड भी कायम किया है. संजीता चानू ने स्नैच राउंड के तीन प्रयासों में पहले 81 किलो फिर 83 और इसके बाद 84 किलोग्राम भार उठाया. अब तक के कॉमनवेल्थ मुकाबलों में इस वर्ग में उठाया गया यह अब तक का सबसे ज्यादा भार है. इसके बाद क्लीन ऐंड जर्क राउंड में भी शानदार प्रदर्शन दोहराते हुए अपने पहले प्रयास में चानू ने 104 किलो, दूसरे में 108 किलोग्राम वजन उठाया. हालांकि, वे तीसरे प्रयास में 112 किलोग्राम का भार सफलता पूर्वक नहीं उठा पायीं.

पपुआ न्यू गिनी की लोआ डिका तोउ इस मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहीं. उन्होंने 182 किलोग्राम का भार उठाकर रजत पदक हासिल किया. कनाडा की रिचल बेजीनेट ने 181 किलो वजन उठाकर कांस्य पदक जीता. इससे पहले ग्लासगो-2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में संजीता चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया था. उन्हें उस मुकाबले में भी स्वर्ण पदक जीतने में कामयाबी मिली थी. दिलचस्प यह भी है कि उसी मुकाबले में ही मीरा बाई चानू ने रजत पदक उठाया था.

शुक्रवार को संजीता चानू के स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या तीन हो गई है. भारत की झोली में अब तक ये तीनों पदक वेटलिफ्टिंग मुकाबलों के जरिये आए हैं. दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में भारत फिलहाल तीसरे पायदान पर खड़ा है.