नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगने वाले टोल टैक्स को पांच से सात प्रतिशत तक बढ़ाने की घोषणा की है. इस बढ़ोतरी को नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए एनएचएआई का कहना है कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में टोल चार्ज में बदलाव किया जाता है. जानकारी के मुताबिक यह इज़ाफा होलसेल प्राइस इंडैक्स के आधार पर किया गया है. टोल टैक्स की नई दरें 31 मार्च 2018 से ही लागू कर दी गई हैं. इसके अलावा एनएचएआई ने किसी टोल से महीने में 50 से ज़्यादा बार गुज़रने की शर्त पर मिलने वाले मासिक पास की कीमतों को भी बढ़ाने का फैसला लिया है.

टोल की बढ़ी हुई दरों को लेकर जानकारों का कहना है कि इनके चलते सभी वस्तुओं की कीमतों में इज़ाफा होना तय है. खबरों की मानें तो देशभर की तमाम ट्रांसपोर्ट कंपनियां इन बढ़ी हुई दरों का विरोध कर रही हैं. कई ट्रांसपोर्ट यूनियनों को इस बात से भी शिकायत है कि कई जगहों पर पूरा टोल वसूला जाने के बावजूद सड़कों की स्थिति बेहाल है जिसकी वजह से वाहन और माल दोनों को नुकसान होने का खतरा रहता है.

मर्सिडीज़ की एसयूवी जीएलएस का नया एडिशन लॉन्च

लग्ज़री कार बनाने के क्षेत्र में अग्रणी माने जाने वाली जर्मन कंपनी मर्सिडीज़-बेंज़ ने भारत में अपनी एसयूवी जीएलएस का नया एडिशन ‘ग्रैंड’ लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस कार को डीज़ल और पेट्रोल दोनों वेरिएंट में लॉन्च किया है. जीएसएल ग्रैंड को मर्सिडीज़ ने वैश्विक स्तर पर सबसे पहले डेट्रॉइट ऑटो शो-2018 में पेश किया था. कंपनी का कहना है कि इस कार की खरीददारी के मामले में दुनिया के शीर्ष छह देशों में शामिल होने की वजह से भारत उसके लिए महत्वपूर्ण है और इसलिए ही यहां ग्रैंड एडिशन को जल्द लॉन्च किया गया है.

इस नए एडिशन में इंटेलिजेंट एलईडी लाइट सिस्टम और ग्रैंड एडिशन बैजिंग जैसे कॉस्मेटिक बदलाव के साथ बड़े आकार के फॉगलैंप्स और डिपर बीम दी गई है जो 90 किमी/घंटा की रफ्तार पर पहुंचने पर स्वत: चालू हो जाती है. इसके अलावा कंपनी ने इस एसयूवी में 20-इंच के 10-स्पोक वाले ब्लैक पेंट हाई-शीन फिनिश अलॉय व्हील्स लगाए हैं जो इस कार को पहले से ज्यादा आकर्षक बनाते हैं. फीचर्स की बात करें तो जीएलएस ग्रैंड में 7-इंच की हाई डेफिनेशन स्क्रीन वाला इन्फोटेनमेंट सिस्टम मिलता है जो एप्पल कार प्ले और एंड्रॉइड ऑटो कनेक्टिविटी सुविधा से लैस है.

कंपनी ने ग्रैंड एडिशन के डीज़ल वेरिएंट- जीएलएस-350 डी में 3.0-लीटर का वी-6 इंजन लगाया है जो 254 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 620 एनएम का पीक टॉर्क पैदा करता है. वहीं इसके पेट्रोल वेरिएंट- जीएलएस-400 के साथ लगा यही इंजन 329 बीएचपी की अधिकतम पॉवर और 480 एनएम पीक टॉर्क उत्पन्न करने में सक्षम है. ये दोनों इंजन 9जी-ट्रॉनिक ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से लैस हैं. कंपनी ने इस कार के डीज़ल और पेट्रोल दोनों वेरिएंट की एक्स शोरूम कीमत 86.90 लाख रुपए रखी है.

वित्त-वर्ष 2017-18 में कई कंपनियों के बिक्री रिकॉर्ड टूटे

वित्त वर्ष 2017-18 में कई ऑटोमोबाइल कंपनियों की बिक्री में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बजाज ऑटो के मुताबिक कंपनी ने इस साल कुल 6,37,457 व्यसायिक वाहन बेचे हैं जो वित्तवर्ष 2016-17 से करीब 43 प्रतिशत ज्यादा है. इसमें कंपनी की तरफ से निर्यात हुए वाहनों की संख्या भी शामिल है. इसके अलावा बजाज मोटर्स के दो-पहिया वाहनों की बिक्री में भी इजाफा हुआ है. पिछले वित्तवर्ष में निर्यात को मिलाकर कंपनी ने कुल 33,69,334 दो-पहिया वाहन बेचे जो 2016-17 में हुई बिक्री से पांच प्रतिशत ज्यादा है.

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति-सुज़ुकी ने भी वित्त-वर्ष में कार बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाया है. मारुति की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक 2017-18 के दौरान कंपनी ने घरेलू स्तर पर 16,53,500 गाड़ियों की बिक्री की है जो किसी भी वित्त-वर्ष का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इस दौरान कुल 1,26,074 गाड़ियों का निर्यात हुआ जिसकी वजह से कंपनी की कुल बिक्री 17,79,574 यूनिट रही जो भी अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इसके साथ 2017-18 में कंपनी की घरेलू स्तर पर बिक्री में 14.5 प्रतिशत और निर्यात में 1.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है.

व्यवसायिक और यात्री वाहन बनाने वाली देश की बड़ी कंपनी टाटा मोटर्स के लिए भी वित्तवर्ष 2017-18 शानदार रहा है. इस दौरान कंपनी ने 23 प्रतिशत ज्यादा गाड़ियों की बिक्री की है. टाटा मोटर्स की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2017 से मार्च 2018 के दौरान कंपनी ने घरेलू बाजार में कुल 5,86,639 गाड़ियों की बिक्री जो वित्तवर्ष 2016-17 के 4,78,362 यूनिट से करीब 23 प्रतिशत ज्यादा है.

कुछ प्रमुख दो-पहिया वाहन कंपनियों की बात करें तो युवाओं के सर से रॉयल इनफील्ड का जादू कम होता नहीं दिख रहा है. इसके चलते कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में शानदार बढ़ोतरी हासिल की है. इस दौरान रॉयल इनफील्ड की 8,20,492 यूनिट बिकीं थीं जो इससे पिछले वित्त वर्ष से 23 फीसदी ज्यादा है. इस आंकड़े में कंपनी की तरफ से निर्यात की गई बाइकें भी शामिल हैं.

वित्त-वर्ष 2017-18 जब अधिकतर वाहन निर्माता कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हुआ है तो विश्व की सबसे बड़ी दो-पहिया वाहन निर्माता कंपनी ‘हीरो मोटर्स’ भला किसी से कैसे पीछे रह सकती है. इस दौरान कंपनी ने 75 लाख से ज्यादा दो-पहिया वाहनों की बिक्री कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है. इस आंकड़े की मानें तो पिछले साल हीरो मोटोकॉर्प ने हर मिनट 14 से ज्यादा गाड़ियां बेची हैं. इसे सेकेंड के हिसाब से देखें तो हर चार सेकेंड में कंपनी की 1 गाड़ी बिक रही है. हीरो मोटर्स के मुताबिक यह उपलब्धि हासिल करने वाली दुनिया की वह पहली कंपनी है.