‘गुरु और शिष्य के नेतृत्व में भाजपा का स्तर बहुत नीचे गिर गया है.’  

— मायावती, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष

बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का यह बयान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा विपक्षी दलों की तुलना जानवरों से करने के जवाब में आया है. शनिवार को उन्होंने लखनऊ में कहा कि भाजपा का मौजूदा नेतृृत्व (नरेंद्र मोदी और अमित शाह) सत्ता के अहंकार में जनता को मूर्खों की जमात समझने की भूल कर रहा है. मायावती ने योगी आदित्यनाथ पर भी आरोप लगाया कि वे भी पहले ऐसी ‘घटिया’ भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं, लेकिन जनता ने उन्हें हालिया उपचुनाव में करारा जवाब दे दिया है. बसपा अध्यक्ष ने भाजपा को ‘आपराधिक मानसिकता’ और ‘संघी चाल और चरित्र’ से ग्रस्त पार्टी करार दिया है. मायावती ने यह भी कहा है कि भाजपा के हठीले और जनविरोधी व्यवहार के चलते ही आज वह केंद्र में अकेली हो गई है.

‘जरूरी विधेयक पास करने के लिए संसद का विशेष अधिवेशन बुलाया जाए.’   

— जयराम रमेश, कांग्रेस नेता

यह बयान विपक्षी कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने दिया है. उन्होंने राज्य सभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को यह मांग करते हुए एक पत्र भी लिखा है. इसमें उन्होंने कहा है कि संसद का मॉनसून सत्र मध्य जुलाई में आयोजित होने की संभावना है लिहाजा मई या जून में संसद का दो हफ्ते का विशेष सत्र बुलाना उपयुक्त रहेगा. जयराम रमेश के अनुसार इससे जनता के बीच अच्छा संदेश जाएगा. उन्होंने कहा है कि संसद का बजट सत्र पूरी तरह से हंगामे की भेंट चढ़ गया जिसकी विशेष सत्र बुलाने से थोड़ी भरपाई हो सकती है. हालांकि भाजपा नेता विजय गोयल ने उनकी मांग की आलोचना करते हुए कहा है कि कांग्रेस ने पहले संसद नहीं चलने दी और अब वेतन-भत्तों के लिए विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रही है.


‘2014 में मैं भाजपा के पास नहीं गया था, बल्कि मोदी मेरे पास आए थे.’   

— चंद्रबाबू नायडू, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का यह बयान मोदी सरकार पर राज्य के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आया है. वे शनिवार को राज्य के विशेष दर्जे की मांग के बारे में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में वादा किया था कि यदि एनडीए की सरकार बनी तो राज्य की जनता के हितों का ख्याल रखा जाएगा. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि इसके बाद ही उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने इस मांग की उपेक्षा करने के ​अलावा लगातार जनविरोधी फैसले भी किए जिसके चलते टीडीपी को एनडीए छोड़ने को बाध्य होना पड़ा.


‘चीन की ओबीओआर परियोजना को लेकर नेपाल का रुख तटस्थ है.’  

— केपी शर्मा ओली, नेपाल के प्रधानमंत्री

नेपाल का प्रधानमंत्री बनने के बाद पहले विदेशी दौरे पर भारत आए केपी शर्मा ओली ने यह बात कही है. उन्होंने चीन से नेपाल की बढ़ रही नजदीकियों के बारे में पूछे गए एक सवाल पर यह प्रतिक्रिया दी है. इसके साथ नेपाली प्रधानमंत्री का कहना था कि उनका देश दुनिया के दो बड़े और ताकतवर देशों के बीच स्थित है लिहाजा वे दोनों देशों के साथ समान रूप से बेहतर संबंध चाहते हैं. केपी शर्मा ओली ने कहा कि भारत और चीन न केवल जनसंख्या में बल्कि विकास के मामले में भी नेपाल से काफी आगे हैं. उनके अनुसार नेपाल के लिए दोनों देशों से समझ, सहयोग और पारस्परिक विश्वास का रिश्ता बनाना बेहद जरूरी है. केपी शर्मा ओली ने कहा है कि किसी समझौते पर दस्तखत करने से ज्यादा जरूरी दोस्ती बनाना होता है.