शनिवार रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते बच गया. खबरों के मुताबिक अहमदाबाद-पुरी सुपर फास्ट एक्सप्रेस बिना इंजन के 10 किलोमीटर तक दौड़ती रही. यह घटना उड़ीसा के टिटलागढ़ रेलवे स्टेशन की है. रेलवे से जुड़े अधिकारियों ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि अहमदाबाद-पुरी एक्सप्रेस को टिटलागढ़ स्टेशन पर रोककर दूसरी दिशा में ले जाने के लिए इंजन का छोर बदला जाता है. शनिवार रात जब इंजन को एक तरफ से हटाकर ट्रेन के दूसरे सिरे पर जोड़ने के लिए ले जाया जा रहा था उसी समय ट्रेन बिना डिब्बे के चल पड़ी.

अधिकारियों के मुताबिक टिटलागढ़ के बाद रेलवे लाइन ढलान पर है जिस वजह से इंजन के बिना ही ट्रेन ढलान की दिशा में चलती रही. सूचना मिलने पर करीब 10 किमी बाद ट्रेन को पटरी पर पत्थर रखकर किसी तरह रोका गया.

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक शुरूआती जांच में रेलवे कर्मचारियों की लापहरवाही का पता चला है. एजेंसी के अनुसार इस घटना का कारण कर्मचारियों द्वारा कोचों के व्हील पर ‘स्किड ब्रेक’ न लगाना है. नियमों के मुताबिक जब ट्रेन से इंजन हटाया जाता है तो ट्रेन के डिब्बों को ‘स्किड ब्रेक’ लगाकर अपनी जगह पर रोका जाता है. लेकिन, टिटलागढ़ स्टेशन के कर्मचारियों ने ऐसा नहीं किया.

इस घटना के बाद रेलवे ने जांच के आदेश देते हुए तत्काल प्रभाव से सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है. ईस्ट कोस्ट रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘इंजन शंटिंग प्रक्रिया के नियमों का पालन नहीं करने के लिए मौके पर मौजूद रेलवे स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है और संबलपुर डिविजिन के रेलवे मैनेजर जयदीप गुप्ता ने घटना की जांच के आदेश भी दे दिए हैं.’