विवादों में फंसीं आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर को अब बोर्ड के सदस्यों का भी समर्थन नहीं मिल रहा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक बोर्ड के एक सदस्य का कहना है कि इस मामले में बोर्ड का ध्यान संस्थान को मजबूत करने पर होना चाहिए न कि किसी आरोपित व्यक्ति (चंदा कोचर) का बचाव करने पर. सोमवार को न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने खबर दी कि इसके चलते चंदा कोचर की जगह किसी और अंतरिम सीईओ बनाया जा सकता है.

उधर, इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बैंक के कुछ बड़े निवेशकों ने चेयरमैन एमके शर्मा से बात की है. बोर्ड ने पहले मजबूती से चंदा कोचर का समर्थन किया था. अब कहा जा रहा है कि बोर्ड के रुख में बदलाव हो सकता है. इस कवायद में शामिल दो सूत्रों के मुताबिक निवेशकों से कहा गया है कि बोर्ड इस मामले में उनकी चिंताओं को समझता है. आईसीआईसीआई बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘पहले बोर्ड चंदा कोचर के साथ खड़ा था लेकिन हालिया बैठकों में कहा गया कि संस्थान किसी व्यक्ति से बड़ा है और बैंक निवेशकों की चिंताओं पर ध्यान दे रहा है.’ उधर, सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन समूह के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ शुरुआती जांच का मामला दर्ज किया गया है.

यह मामला आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन ग्रुप को विवादित तरीके से 3,250 करोड़ का कर्ज देने से जुड़ा है. आरोप है कि वीडियोकॉन के मुखिया वेणुगोपाल धूत ने इस रकम का 10 फीसदी हिस्सा उन कंपनियों में निवेश किया जिन्हें दीपक कोचर चला रहे थे. इसमें से 2,810 करोड़ रुपये की रकम गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) घोषित हो चुकी है. इसके अलावा सरकारी बॉन्डों को बेचने में भी नियमों का पालन नहीं करने के मामले में आईसीआईसीआई बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की आलोचना का सामना कर रहा है. इसके लिए पिछले महीने आरबीआई ने बैंक पर 58 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था.