सीरिया में रासायनिक हमले की घटना को लेकर अमेरिका और रूस के बीच तनातनी और बढ़ने के आसार बन गए हैं. बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को चेतावनी देते हुए कहा है, ‘सीरिया पर मिसाइलें दागी जाने वाली हैं.’

ट्रंप ने एक ट्वीट करके यह चेतावनी दी है. इसमें उन्होंने लिखा है, ‘रूस ने निश्चय किया है कि वो सीरिया पर दागी गई मिसाइलों को मार गिराएगा. रूस तैयार हो जाओ, क्योंकि वे आ रही हैं, अच्छी, नई और ‘स्मार्ट!’ आपको गैस के जरिए अपने ही लोगों को मारने और उसका जश्न मनाने वाले जानवरों का साझीदार नहीं होना चाहिए!’

सीरिया की राजधानी दमिश्क के एक उपनगरीय इलाके में शनिवार को कथिततौर पर एक रासायनिक हमला हुआ था. इस इलाके पर विद्रोहियों का कब्जा है. बताया जा रहा है कि शनिवार को यहां जहरीली गैस छोड़ी गई है. मीडिया में आई अलग-अलग खबरों के मुताबिक इस गैस के प्रभाव से कम से कम 50 लोग मारे गए हैं.

इस घटना के बाद अमेरिका ने तुरंत सख्त प्रतिक्रिया दी थी. राष्ट्रपति ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद का साथ देने के लिए रूस और ईरान की आलोचना करते हुए कहा था कि उन्हें इस रासायनिक हमले की कीमत चुकानी होगी. वहीं मंगलवार को लेबनान में रूस के राजदूत एलेग्जेंडर जैसीप्किन ने कहा था कि अगर अमेरिका की तरफ से सीरिया में मिसाइल दागी गईं तो उन्हें हवा में ही मार गिराया जाएगा और इसके बाद मिसाइल लॉन्च करने वाले अमेरिकी ठिकाने निशाना बनेंगे.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आज की चेतावनी पर रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने फेसबुक पोस्ट के जरिए जवाब दिया है, ‘स्मार्ट मिसाइलें आतंकवादियों की तरफ जानी चाहिए, न कि उस वैध सरकार की तरफ जो अपनी जमीन पर सालों से अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के खिलाफ लड़ रही है.’

इस घटना को लेकर शुरू हुए तनाव के कूटनीतिक हल की कोशिशें मंगलवार को उस समय असफल हो गई थीं, जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इसकी अंतरराष्ट्रीय जांच से जुड़े अमेरिकी प्रस्ताव के खिलाफ रूस ने भी एक प्रस्ताव पेश कर दिया था.