‘भाजपा समाज में कांटे बो रही है लिहाजा इसे रोकना जरूरी हो गया है.’   

— अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का यह बयान बुधवार को लखनऊ में अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आया. उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर आरोप लगाया है कि वोटों के ध्रुवीकरण के लिए वे सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रही हैं. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने इससे भाईचारे की संस्कृति को खतरा बताते हुए अपने कार्यकर्ताओं से भाजपा को हराने के लिए काम करने की अपील की है. इसके साथ उन्होंने यह आरोप लगाया है कि भाजपा किसानों और नौजवानों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है. अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने में उन्होंने अपने राज्य की भूमिका को निर्णायक करार दिया है.

‘बैंकों की नियंत्रित करने के लिए आरबीआई को शक्ति नहीं इच्छाशक्ति की जरूरत है.’   

— एम दामोदरन, सेबी के पूर्व प्रमुख

शेयर बाजार की नियामक संस्था सेबी के पूर्व चेयरमैन एम दामोदरन का यह बयान आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल की एक साक्षात्कार में आलोचना करते हुए आया. उन्होंने उर्जित पटेल के हाल में गांधीनगर में दिए उस बयान की कड़ी निंदा की जिसमें उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक बैंकों के शीर्ष प्रबंधन को हटाने की शक्ति उसके पास न होने से इन्हें नियंत्रित करने की उसकी क्षमता सीमित रहती है. एम दामोदरन ने कहा है कि वे इस बयान से अचंभित भी हैं और दुखी भी. उन्होंने कहा कि जो संस्थान पिछले आठ दशक से भी ज्यादा समय से अस्तित्व में हो, उसके प्रमुख का यह कहना भरोसा नहीं जगा पाता.


‘आजादी और विकास के बीच में से किसी एक के चुनाव की बात कहने वाली राजनीतिक चर्चा खतरनाक है’

— मनमोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने यह बात पंजाब विश्वविद्यालय में आयोजित एक व्याख्यान के दौरान मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कही. उन्होंने ऐसी प्रवृत्ति को देश की लोकतांत्रिक परंपरा के लिए खतरनाक करार दिया है. इस विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र मनमोहन सिंह ने यहां कहा कि यह समय खुद से सवाल पूछने का है कि कहीं हम लोकतंत्र को लेकर अपना धैर्य तो नहीं खो रहे और इसके बदले कहीं तानाशाही को तो नहीं चुन रहे हैं. पूर्व प्रधानमंत्री ने चेताते हुए कहा है कि यदि ऐसा है तो अल्पकाल में भले ही इसके बेहतर नतीजे मिल जाएं लेकिन लंबे समय में इससे हमारा देश और लोकतंत्र की उपलब्धियां नष्ट हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि भीमराव आंबेडकर ने चेताया था कि कभी वह दिन भी आ सकता है जब ‘जनता द्वारा और जनता की सरकार’ के बजाय ‘जनता के लिए सरकार’ को पसंद किया जाएगा. मनमोहन सिंह के अनुसार आंबेडकर ने ऐसी स्थिति को खतरनाक माना था.


‘अमेरिका और रूस के मौजूदा रिश्ते शीतयुद्ध से भी ज्यादा खराब हो गए हैं.’   

— डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया में हुए रासायनिक हमले को लेकर यह बयान दिया है. सीरिया संकट के संदर्भ में रूस के साथ तल्ख रिश्तों पर उन्होंने कहा है कि रूस बिना किसी कारण के यह टकराव पैदा कर रहा है जबकि उसकी अर्थव्यवस्था को हमारे सहारे की जरूरत है. हालांकि उन्होंने रूस से हथियारों की होड़ रोकने की अपील भी की है. इससे पहले बुधवार को ही उन्होंने सीरिया को दी जा रूसी सैन्य मदद के लिए उसे चेतावनी देते हुए ट्वीट किया था कि अमेरिकी मिसाइलें जल्द ही सीरिया को अपना निशाना बनाने वाली हैं.