आम आदमी पार्टी (आप) ने कुमार विश्वास से राजस्थान का प्रभार वापस ले लिया है. आप नेता आशुतोष ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि कुमार की जगह दीपक बाजपेयी को राजस्थान का प्रभारी बनाया गया है. सोशल मीडिया में ‘आप’ के विरोधियों और अन्य लोगों ने इस खबर को शेयर करते हुए पार्टी और उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की खूब आलोचना की है. रमेश कुमार मौर्य का ट्वीट है, ‘राजनीति में जिसके सर ताज होता है, वही राजा होता है, बाकी तो सब कुमार विश्वास होते हैं.’ एक अन्य यूजर की टिप्पणी है, ‘आप में विश्वास की कोई जगह नहीं है क्योंकि वहां बस अविश्वास ही रह सकता है! फरेब रह सकता है!’

कुमार विश्वास और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच लंबे समय से टकराव चल रहा है. पिछले दिनों कुमार विश्वास ने सार्वजनिक रूप से राज्यसभा सदस्य बनने की इच्छा जताई थी लेकिन ‘आप’ की तरफ से उनको टिकट नहीं मिला. इसके बाद केजरीवाल और उनके बीच रिश्ते और खराब हो गए थे. उस समय कुमार विश्वास की भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य लालकृष्ण आडवाणी से तुलना करके खूब तंज कसे गए थे. सोशल मीडिया में आज भी ऐसी चुटकियों की भरमार है. अभय दुबे का ट्वीट है, ‘लग रहा है कि कुमार विश्वास बुढ़ापे से पहले ही आम आदमी पार्टी के मार्ग दर्शक मंडल में शामिल हो चुके हैं.’

सोशल मीडिया में इस खबर पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

रमेश श्रीवत्स | @rameshsrivats

‘आप’ ने अपने बागी नेता कुमार विश्वास को राजस्थान प्रभारी के पद से हटा दिया है. लगता है कि राजस्थान और दिल्ली का मैच (आईपीएल) पहले ही शुरू हो चुका है.

शकुनि मामा | @ShakuniUncle

आम आदमी पार्टी के आडवाणी (कुमार विश्वास) अब यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा भी बनने जा रहे हैं.

सतीश आचार्य | @satishacharya

उत्तर प्रदेश में ‘माता’ ज्यादा सुरक्षित हैं या बेटियां!

द इंजीनियर | @HumorGyan

कुमार विश्वास से राजस्थान का प्रभार वापस लेने के बाद भी आम आदमी पार्टी की राजस्थान इकाई का कुछ नहीं होना है. इसके बाद भी जहां जहां से उसके उसे उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे, उनकी जमानत जब्त होगी.

अमित | @AmitA_2009

जनता का तो ‘आप’ से विश्वास ही उठ गया है. वैसे केजरीवाल कुमार विश्वास माफी मांगकर मामला रफा-दफा कर सकते हैं.