उत्तर प्रदेश के उन्नाव सामूहिक बलात्कार मामले को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की अपील पर सुनवाई करने की हामी भर दी. साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए इस पर सुनवाई के निर्देश दिए हैं. इस मामले में बांगरमऊ से भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मुख्य आरोपित हैं.

उधर, चेन्नई में आयोजित होने वाले आईपीएल-2018 के सभी मैच को किसी और स्थान कराने की खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. यह फैसला आईपीएल की प्रशाासकीय परिषद ने लिया है. बताया जाता है कि इस फैसले की वजह बीते मंगलवार को चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मैच के दौरान स्टेडियम में हुआ हंगामा है. ये हंगामा तमिल संगठनों ने कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर केंद्र सरकार के विरोध में किया था.

एससी-एसटी कानून पर पुनर्विचार याचिका खारिज होने पर अध्यादेश लाने की संभावना

एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) कानून-1989 को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुनर्विचार याचिका खारिज करने की स्थिति में केंद्र सरकार इससे संबंधित अध्यादेश ला सकती है. द इकॉनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक बुधवार को इस बारे में गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्री समूह की बैठक बुलाई गई थी. बताया जाता है कि सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका की सफलता दर काफी कम है. अखबार ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा है कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में एससी-एसटी के अधिकारों को लेकर मजबूती से अपनी बात रखने वाली है.

मुख्य न्यायाधीश को पीठों का गठन करने का विशेष अधिकार : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर साफ किया है कि मुख्य न्यायाधीश को पीठों का गठन करने का विशेष अधिकार है. अमर उजाला ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह टिप्पणी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए की है. इस याचिका को अपमानजनक बताते हुए पीठ ने इसे खारिज कर दिया. इसमें पीठ गठन को लेकर मुख्य न्यायाधीश के अधिकार पर सवाल उठाया गया था. शीर्ष अदालत का कहना है कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत मुख्य न्यायाधीश को वरीयता मिली हुई है. साथ ही, उन पर विश्वास न करने का कोई कारण नहीं है. पीठ ने आगे कहा कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि ताकि सुप्रीम कोर्ट अपनी स्वतंत्रता को बरकरार रखते हुए प्रभावी तरीके से काम को अंजाम दे सके.

उत्तर प्रदेश : राशन देने की जगह 75 वर्षीय महिला को मौत की घाट उतार दिया

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में राशन देने की जगह 75 वर्षीय महिला को मौत की घाट उतार दिया गया. राजस्थान पत्रिका में छपी खबर के मुताबिक महिला ने राशन डीलर से अनाज न देने की वजह पूछी थी. इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई. पुलिस ने मृतक महिला के परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही, आरोपित राशन डीलर की तलाश की जा रही है. बताया जाता है कि बुजुर्ग महिला को घटना वाले दिन से पहले कई बार राशन दिए बिना ही डीलर ने वापस लौटा दिया था.

असमानता भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है : मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश में बढ़ती असमानता पर चिंता जाहिर की है. बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक उनका कहना है कि यह भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है. उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में कहा, ‘भारत के लिए आर्थिक विकास अब भी उच्च प्राथमिकता वाला विषय है. लेकिन, समाज में फैली हुई असमानता को खत्म करने की प्रतिबद्धता का कमजोर पड़ना तकलीफ की बात है.’ मनमोहन सिंह ने आगे कहा कि देश में दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहा है. उनका कहना था कि ऐसे वक्त में लोगों को विभाजनकारी नीतियों और राजनीति के खिलाफ एकजुट होना होगा.