बुधवार को मौसम के अचानक बदले तेवरों से आगरा के ताजमहल को भी नुकसान पहुंचने की ख़बर है. ख़बरों के मुताबिक रात को 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से चली तूफानी हवाओं से ताजमहल के दक्षिणी और शाही दरवाजों के खंभे, कंगूरे अौर छोटे गुंबद ढह गए.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक शाही दरवाज़े के शीर्ष पर उत्तर-पश्चिमी खंभा टूट गया. साथ ही दूसरी कलाकृतियां भी. इसी तरह का नुकसान दक्षिणी दरवाज़े को भी हुआ. इसके अलावा रेवती के बाड़े की एक दीवार पर पेड़ टूटकर गिर गया. इससे वह दीवार भी ढह गई. साहिंदी बेगम के मक़बरे में बने लाल पत्थर के फूलदान टूट गए. हालांकि सफेद संगमरमर से बनी ताजमहल की मुख्य इमारत को काेई नुकसान नहीं पहुंचा है.

ताजमहल का दक्षिणी दरवाजा जिसका ऊपरी खंभा टूटा दिख रहा है.
ताजमहल का दक्षिणी दरवाजा जिसका ऊपरी खंभा टूटा दिख रहा है.

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षण सहायक आकृति नामदेव ने इस नुकसान की पुष्टि करते हुए बताया, ‘हम अभी आकलन कर रहे है. इसके बाद नुकसान की भरपाई के लिए और जो चीजें टूट-फूट गई हैं उनको फिर स्थापित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. बताया जाता है कि आगरा के अन्य स्मारकों का भी इसी तरह आकलन किया जा रहा है कि कहीं उन्हें भी आंधी-तूफान से नुकसान तो नहीं पहुंचा है.

यहां बताते चलें कि आगरा जिले में 198 संरक्षित पुरातात्विक स्मारक हैं. इनमें तीन- ताजमहल, लाल किला और फ़तेहपुर सीकरी को विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया है. ख़बर के मुताबिक मौसम के बदलाव ने आगरा में आठ, मथुरा में चार और फैज़ाबाद में दो लोगों की जान भी ले ली है.