प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में आज सत्ताधारी दल के नेताओं ने एक दिन का उपवास रखा है. भाजपा के मुताबिक यह उपवास विपक्ष द्वारा संसद में गतिरोध पैदा करने के विरोध में रखा गया है. सोशल मीडिया पर इसकी कल से ही चर्चा चल रही है. भाजपा समर्थकों ने यहां आम लोगों से इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को समर्थन देने की अपील की है, लेकिन वहीं पार्टी विरोधियों और एक बड़े तबके ने इस पर सवाल खड़े किए हैं. कुसुम तोमर का ट्वीट है, ‘... संसद चलाना सरकार की जिम्मेदारी है, यानी अब मोदी जी खुद अपनी सरकार के खिलाफ अनशन करेंगे!’ सत्यानंद निरूपम ने तंज किया है, ‘जिसके हाथ में सारी सत्ता वही करे उपवास, लाचारों की लाचारी का ऐसे उड़े उपहास...’

सोशल मीडिया पर उन्नाव और कठुआ बलात्कार मामलों की भी खूब चर्चा है और इनका जिक्र करते हुए यहां भाजपा की लानत-मलानत की जा रही है. फेसबुक और ट्विटर पर कई लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपवास और इन घटनाओं को जोड़ते हुए टिप्पणियां की हैं. कार्टूनिस्ट कीर्तीश भट्ट ने ट्वीट किया है, ‘संसद में काम ना होने पर उपवास, उन्नाव और कठुआ मामले पर चुपवास.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस एक दिन के उपवास पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

अमित तिवारी | facebook/amit.tiwari7

मोदी जी अपने सारे चेलों के साथ उपवास रख रहे हैं…कांग्रेसी का पैर गोबर में पड़ जाये तो हमारे प्रतियोगी नेचर वाले भाजपाई लोग पूरा सिर ही उसमें बोर देते हैं!

सतीश आचार्य | @satishacharya

मोदी जी का लोकतंत्र बचाओ उपवास

विजय पांडे | @vijayrpandey

नरेंद्र मोदी का बंटवारे की राजनीति के खिलाफ उपवास करना वैसा ही जैसे स्टीव स्मिथ का बॉल टेंपरिंग के खिलाफ उपवास करना...

आज़ाद हिन्द सेना‏ | @junaidbxr

जब केजरीवाल ने मुख्यमंत्री रहते उपवास किया था तो भाजपा ने उसका मजाक उड़ाया था. लेकिन आज मोदी ने पूर्ण बहुमत की सरकार रहते हुए उपवास करके केजरीवाल की बराबरी कर ली है.

रिया कुलकर्णी | @RiyaKulkarni_

मोदी जी खुद भारत देश के प्रधान हैं. सत्ता भी भाजपा की है. फिर ये उपवास किसके खिलाफ कर रहे हैं? खुद के या फिर कोरिया या चाइना के?