क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल क्यों कहा जाता है, यह बात गुरुवार को मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए मुकाबले से एक बार फिर साबित हुई. आईपीएल-2018 के इस सातवें मैच का नतीजा आखिरी गेंद पर निकला. इस दौरान कभी हैदराबाद का पलड़ा भारी दिखा तो कभी मुंबई इंडियस मैच पर पकड़ बनाती दिखी. लेकिन आखिरी गेंद पर शानदार चौके के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने मैच का नतीजा अपने पक्ष में कर लिया.

हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में हुए इस मैच में सनराइजर्स ने टॉस जीतकर मुंबई को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया. उसका पहला विकेट कप्तान रोहित शर्मा के रूप में 11 के योग पर गया. इसके बाद एविन लूइस ने पारी संभाली और तेजी से रन बटोरने शुरू किए. टीम का स्कोर 48 पर पहुंचा था तभी ईशान किशन को सिद्धार्थ कौल ने कैच आउट करा दिया. फिर इसी ओवर में 29 के निजी योग पर खेल रहे लूइस को भी उन्होंने क्लीन बोल्ड कर दिया. पांड्या के 15 जबकि यादव और पोलार्ड के 28-28 रनों के योगदान से मुंबई इंडियंस को आठ विकेट खोकर 147 रन बनाने में सफलता मिली.

जीत के लिए 148 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हैदराबाद को ऋद्धिमान साहा और शिखर धवन ने मजबूत शुरुआत दी. पहले विकेट के लिए दोनों सलामी बल्लेबाजों ने 62 रन जोड़े. मुंबई के लिए खतरनाक होती इस साझेदारी को युवा गेंदबाज मयंक मार्कंडेय ने तोड़ा. उन्होंने साहा को एलबीडब्ल्यू आउट किया. साहा के बाद केन विलियम्सन क्रीज पर आए उन्हें टीम के 73 के योग पर मुस्तफिजुर रहमान ने विकेट के पीछे लपकवा दिया.

हैदराबाद का स्कोर 77 पहुंचा था कि धवन भी आउट हो गए. उनका विकेट मार्कंडेय ने चटकाया. 89 के योग पर जब मनीष पाण्डेय आउट हुए तो ऐसा लगा कि मुंबई इंडियंस ने मैच में वापसी कर ली है. जब 107 के योग पर पर सनराइजर्स का पांचवां विकेट गया तो लगा कि मुंबई के गेंदबाज इस मुकाबले को जिता ले जाएंगे.

एक छोर पर जहां हैदराबाद के विकेट गिर रहे थे तो दूसरी तरफ दीपक हूडा न टूटने वाली दीवार की तरह क्रीज पर जम गए. धीरे-धीरे उन्होंने अपनी टीम को लक्ष्य की ओर बढ़ाना शुरू कर दिया. स्कोर 136 पर पहुंचा तो यूसुफ पठान को बुमरा ने कैच आउट करा दिया. इसके बाद राशिद खान एस कौल और संदीप शर्मा बिना खाता खोले ही पवेलियन लौटे. 19वें ओवर में 137 के योग पर हैदराबाद अपने नौ विकेट खो चुका था.

आखिरी छह गेदों पर अब हैदराबाद को जीत के लिए 11 रन बनाने थे. यहीं से इस मुकाबले का सांसें रोक देने वाला असली रोमांच शुरू हुआ. मैच का आखिरी ओवर बेन कटिंग ने फेंका. स्ट्राइक पर दीपक हुडा थे. पहली गेंद पर हुडा ने शानदार छक्का जड़ा. अब पांच गेंदों पर पांच रन की जरूरत थी. कटिंग ने ओवर की अगली गेंद वाइड फेंकी. इस तरह हैदराबाद को एक अतिरिक्त रन के साथ गेंद भी मिली. अब हैदराबाद के लिए पांच गेंद पर चार रनों की दरकार रह गई.

अगली गेंद पर हुडा ने जोरदार प्रहार करने की कोशिश की लेकिन नाकामयाबी मिली. गेंद और रन का समीकरण अब चार-चार का था. अगली तीन गेंदों पर एक-एक रन बने. इस तरह दोनों टीमों का स्कोर बराबरी पर आ गया. आखिरी गेंद पर हैदराबाद को जीत के लिए एक रन की जरूरत थी. लेकिन इस बार स्ट्राइक पर हुडा नहीं बल्कि बिली स्टैनलेक थे. एक रन बचाने के लिए रोहित शर्मा ने पूरी फील्डिंग विकेटों के करीब सजा दी.

बल्लेबाज को चकमा देने के लिए कटिंग ने मिडिल स्टंप पर धीमी गति की गेंद फेंकी. स्टैनलेक मगर वक्त रहते गेंदबाज की चालाकी भांप गए. उन्होंने गेंद को मिडविकेट के ऊपर से उछाल दिया. दोनों बल्लेबाज रन लेने के दौड़ पड़े. इधर ज्यादातर फील्डरों के 30 गज के घेरे में होने से गेंद सीमा रेखा भी पार कर गई. इस तरह सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर की समाप्ति पर 151 रन बनाकर रोमांचक जीत दर्ज कर ली. विजेता टीम के राशिद खान को मैन आॅफ द मैच पुरस्कार दिया गया.