उन्नाव बलात्कार मामले में मुख्य आरोपित भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआई ने हिरासत में ले लिया है. सेंगर पर 17 साल की नाबालिग लड़की से बलात्कार करने का आरोप है. गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया गया था कि कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है. प्रदेश के मुख्य सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने कहा था कि अब यह सीबीआई पर है कि वह सेंगर को कब गिरफ्तार करेगी. इसके बाद शुक्रवार सुबह-सुबह सीबीआई ने सेंगर को उनके रिश्तेदार के लखनऊ स्थित निवास से हिरासत में ले लिया.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सुबह 4.30 बजे के आसपास कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई उन्हें हजरतगंज स्थित सीबीआई मुख्यालय ले गई. अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि जांच एजेंसी ने विधायक पर तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं.

इससे पहले गुरुवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार पर सख्त नाराजगी जताई थी. एनडीटीवी के मुताबिक सुनवाई के दौरान जब महाधिवक्ता ने कहा कि वे भाजपा विधायक की गिरफ्तारी को लेकर बयान देने की स्थिति में नहीं हैं तो कोर्ट ने कहा, ‘एसआईटी रिपोर्ट के मुताबिक चिकित्सा और पुलिस अधिकारियों में आरोपित को बचाने के लिए साठगांठ थी. आपने इस रिपोर्ट के आधार पर उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन बलात्कार के आरोपित को गिरफ्तार करने के लिए आपको और जांच करने की आवश्यकता है!’

अदालत ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा, ‘पुलिस एक नाबालिग बलात्कार पीड़िता की एफआईआर दर्ज करने को तैयार नहीं है. एसआईटी की रिपोर्ट के बावजूद आप कहते हैं कि आगे की जांच के बाद ही कोई कार्रवाई हो सकती है. अगर राज्य में यह पुलिस का रवैया है तो शिकायत दर्ज कराने के लिए पीड़िता कहां जाए? आपका यह रुख हमें अपने आदेश में यह कहने को मजबूर करेगा कि राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है.’