ऑस्ट्रेलिया में चल रहे कॉमनवेल्थ खेलों से भारतीय एथलीटों के पदक जीतने की खबरों के बीच एक बुरी खबर है. कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ) ने दो भारतीयों एथलीटों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर भारत वापस भेजने की घोषणा की है. भारतीय एथलीट केटी इरफान और राकेश बाबू को नो नीडल पॉलिसी के उल्लंघन का दोषी ठहराए जाने के बाद कॉमनवेल्थ खेल गांव से बाहर करने का फैसला किया गया है.

इस बार के कॉमनवेल्थ खेलों में यह दूसरा मौका है जब भारतीय दल को इस तरह शर्मिंदा होना पड़ा है. इससे पहले खेलों की शुरुआत में भारत के बॉक्सिंग दल के कमरे के बाहर सुई पाई गई थी जिसके बाद भारतीय दल को फटकार लगाई गई थी. शुक्रवार को सीजीएफ ने बयान जारी कर कहा, ‘भारतीय दल के प्रमुख विक्रम सिंह, मुख्य प्रबंधक नामदेव शिरगांवकर, एथलेटिक टीम प्रबंधक रविंदर चौधरी, दो एथलीटों राकेश बाबू और केटी इरफान और अन्य को सीजीएफ फेडरेशन कोर्ट द्वारा नो नीडल पॉलिसी के उल्लंघन का दोषी पाया गया है.’

बयान में कहा गया है कि राकेश बाबू और केटी इरफान को तुरंत प्रभाव से खेलों में भाग लेने की अनुमति नहीं है. बयान में लिखा है, ‘दोनों खिलाड़ियों को खेल गांव से बाहर कर दिया गया है. हमने कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया से कहा है कि वह सुनिश्चित करे कि दोनों एथलीट पहली फ्लाइट से ऑस्ट्रेलिया छोड़ दें.’ इस मामले में सीजीएफ कोर्ट ने पाया कि ऑस्ट्रेलिया एंटी-डोपिंग अथॉरिटी की तरफ से दिए गए सबूत विश्वसनीय हैं.

सीजीएफ ने कहा, ‘राकेश बाबू और केटी इरफान का यह कहना कि उन्हें नहीं पता कि उनके कमरे में रखे कप में सुई कैसे आई और बाद में राकेश बाबू का यह कहना कि उन्हें नहीं पता कि उनके बैग में सिरिंज कैसे मिलीं, अविश्वसनीय और गैर-जिम्मेदार बयान है.’ इरफान की 20 किलोमीटर की रेसवॉकर (पैदलचाल) स्पर्धा हो चुकी है. वे उसमें 13वें स्थान पर रहे थे. वहीं, ट्रिपल जंपर बाबू को आज अपना फाइनल खेलना था.