उन्नाव और कठुआ में बलात्कार की घटनाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुप्पी तोड़ दी है. शुक्रवार को नई दिल्ली में हुए एक आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री ने इन घटनाओं को शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि न्याय होगा और पूरा होगा.

विपक्ष इन घटनाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल खड़ा कर रहा था. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को उन पर हमला बोलते हुए कहा था कि देश प्रधानमंत्री के जवाब का इंतजार कर रहा है. उन्होंने सरकार पर बलात्कारियों और हत्यारों को बचाने का आरोप भी लगाया था.

दिल्ली के डॉक्टर अंबेडकर नेशनल मेमोरियल में एक आयोजन में नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘पिछले दो दिनों से जो घटनाएं चर्चा में हैं वे किसी भी सभ्य समाज में शोभा नहीं देती हैं, ये शर्मनाक है. एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार हैं. देश के किसी भी राज्य में, किसी भी क्षेत्र में होने वाली ऐसी वारदातें, हमारी मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती हैं. पर मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कोई अपराधी नहीं बचेगा.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर लाल किले से दिए गए अपने सबसे पहले भाषण का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मेरा पहला भाषण लालकिले की प्राचीर से था. लाल क़िले से बोलने का साहस मैंने किया था और मैंने कहा था कि लड़की देर से आती है तो हम उससे तो पूछते हैं कि देर से क्यों आई, कहां गई थी. मैंने कहा कि लड़कियों को पूछने वाले मां-बाप से मैं कहना चाहता हूं कि अपने बेटों से पूछो, वो कहां गया था, रात देर से क्यों आया.’ उनका आगे कहना था, ‘गुनहगारों को सख़्त से सख़्त सज़ा हो ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है और भारत सरकार इस ज़िम्मेदारी को पूरा करने में कोई कोताही नहीं होने देगी.’