गोल्ड कोस्ट में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को शूटरों के बाद भारत के पहलवानों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है. पुरुष और महिला दोनों वर्ग की कुश्ती के मुकाबलों में भारत ने चार पदक जीते हैं. 65 किलो वर्ग के फ्री स्टाइल मुकाबले में बजरंग पूनिया ने स्वर्ण पदक पर दांव लगाया. उनके सामने वेल्स के केन चेरिग की एक न चली और तकनीकी दक्षता के आधार पर दो मिनट के खेल के बाद ही उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया. उन्होंने यह मुकाबला 10-0 से जीता.

शुक्रवार को अपना फाइनल मुकाबला खेलने से पहले भी सभी स्पर्धाओं में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने ये सभी मुकाबले तकनीकी दक्षता के आधार पर जीते. पहले मुकाबले में उन्होंने न्यूजीलैंड के ब्रह्म रिचर्ड्स को हराया तो इसके बाद नाइजीरिया के अमास डेनियल को पटखनी दी. सेमीफाइनल में बजरंग ने कनाडा के विन्सेंट डि मारिनिस को चित किया.

पुरुषों की ही कुश्ती में भारत के मौसम खत्री को भी आज रजत पदक जीतने में कामयाबी मिली. सेमीफाइनल में उन्होंने नाइजीरियाई पहलवान सोसो तमाराउ को 10-0 के अंतर से हराया था. लेकिन फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के मार्टिन इरासमस उन पर भारी पड़े. ऐसे में मौसम खत्री को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा.

पुरुषों के अलावा महिलाओं ने भी कुश्ती की स्पर्धाओं में भारत को पदक दिलाए. 57 किलो वर्ग में पूजा ढांडा ने रजत पदक जीता. हालांकि निर्णायक मुकाबले में उन्हें नाइजीरिया की रेसलर ओडुनायो आडेकुरोये से हार का सामना करना पड़ा. भारत और नाइजीरिया के पहलवानों के बीच हार-जीत में सिर्फ दो अंकों का अंतर रहा. इसके अलावा 68 किलो वर्ग में दिव्या काकरान सेमीफाइनल हारने के बाद कांस्य के लिए बांग्लादेश की शेरिन सुल्तान से भिडीं. इस मुकाबले को उन्होंने अपने नाम किया.

इससे पहले बृहस्पतिवार को भी भारतीय पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन किया था. सुशील कुमार और राहुल अवारे अपनी ताकत और फुर्ती के दम पर स्वर्ण जीता था. इसके अलावा बबीता कुमारी को रजत जबकि किरण को कांस्य पदक जीतने में कामयाबी मिली थी. भारत अब तक कुल मिलाकर इस प्रतियोगिता में 17 स्वर्ण, दस रजत और 12 कांस्य पदक जीत चुका है.